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जनप्रतिनिधियों से की संस्कृत में शपथ ग्रहण की अपील।


संस्कृत में शपथग्रहण करें विधायक गण।

ब्यूरो/उत्तराखंड लाइव : संस्कृतभारती उत्तराखंड की ओर से राज्य के नवनिर्वाचित विधानसभा सदस्यों से विधायक एवं मंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ संस्कृत भाषा में लेने का आग्रह किया जा रहा है।संस्कृतभारती के प्रांत प्रचार प्रमुख “डॉ संजू प्रसाद ध्यानी” ने कहा कि संस्कृत भाषा उत्तराखंड की राजभाषा है, इसे बढ़ावा देने के लिए संस्कृत भारती के कार्यकर्ताओं द्वारा जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया जा रहा है। प्रदेश के सभी जनपदों से बड़ी मात्रा में लोगों की मांग है कि राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत को प्रदेश के नेतृत्वकर्ता व्यवहार में लाएं।डॉ० ध्यानी नें बताया कि- न्यूजीलैंड की संसद में संस्कृत में शपथग्रहण किया गया , फिर देवभूमि इसमें कैसे पीछे रह सकती है? देवभूमि की जनता और जनप्रतिनिधि संस्कृत भाषा के प्रति आस्था रखते हैं, इसलिए संस्कृतभारती के कार्यकर्ता उत्साहित हैं।

प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ संजू प्रसाद ध्यानी ने कहा कि देश और विदेश में संस्कृत भाषा को सम्मान प्राप्त है।वर्तमान लोकसभा एवं राज्य सभा के ५४ सदस्यों ने संस्कृत भाषा में शपथग्रहण की थी जिससे संसंद भवन में तीसरी सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली भाषा संस्कृत बन गयी है।

जीत कर आये विधायकों को बधा निर्वाचित होने पर हार्दिक अभिनन्दन !

आपसे विनम्र आग्रह है कि इस नयी सरकार में एक मंत्री और नयी विधानसभा में एक विधायक के रूप में अपनी इस नयी पारी की शुरुआत संस्कृत में शपथ ग्रहण कर करें।

संस्कृत भाषा उत्तराखण्ड प्रदेश की द्वितीय राजभाषा है। यह भाषा हमारी संस्कृति और प्राचीन ज्ञान-विज्ञान की भाषा है। पूरे विश्व में संस्कृत भाषा के प्रति अत्यन्त श्रद्धा है। लोक सभा में 54 सांसदों ने संस्कृत में शपथ ग्रहण की थी। उत्तरप्रदेश, विहार, छत्तीसगढ, हिमाचल प्रदेश असम आदि प्रदेशों में भी माननीय सांसद गणों ओर विधायक गणों द्वारा संस्कृत भाषा में शपथग्रहण किया गया था। उत्तराखण्ड प्रदेश में भी पिछली विधानसभा में दो विधानसभा सदस्यों तथा मंत्री पद के लिए भी संस्कृतभाषा में शपथग्रहण किया गया था। यहीं नहीं दुनियां के अन्य देशों की संसदों में भी संस्कृत भाषा को अपनाया जाता है। न्यूजीलैंड की संसद में भी एक भारतीय मूल के सांसद गौरव शर्मा नें भी संस्कृत भाषा में शपथ ग्रहण की थी।

उत्तराखंड की राजभाषा संस्कृत है अतः यहां के शतप्रतिशत विधायक गण यदि संस्कृत भाषा में शपथग्रहण करते हैं तो यह देश और दुनिया के लिए अनुकरणीय उदाहरण हो सकता है।

सरकार ने किया नोटिफिकेशन जारी-
पिछली विधानसभा में ऋषिकेश विधायक प्रेमचंद अग्रवाल और रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी नें संस्कृत में शपथग्रहण कर इतिहास बनाया था, वहीं मंत्री के रूप में शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय ने तीरथ सरकार में मंत्री पद का शपथग्रहण संस्कृत भाषा में किया गया था।

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