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क्रिप्टो के निवेशकों पर पड़ सकती है टैक्स की मार। वित्तीय मामलों में होने वाले है बड़े बदलाव, पढिये।


ब्यूरो/उत्तराखंड लाइव: हर महीने की पहली तारीख को कुछ न कुछ छोटे-बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। मार्च का महीना खत्म होने वाला है और एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू होने जा रहा है। ऐसे में महीने की शुरुआत बड़े बदलावों के साथ होने वाली है।

इनमें जहां एक ओर पीएफ खाते से लेकर जीएसटी तक के नियम बदल जाएंगे। तो दूसरी ओर क्रिप्टो में निवेश करने वालों पर टैक्स की मार पड़ेगी।

यही नहीं एक अप्रैल से महंगाई के मोर्चे पर भी लोगों को बड़ा झटका लगने वाला है। आइए ऐसे ही कुछ बड़े बदलावों पर नजर डालते हैं, जो सीधे तौर पर आपको प्रभावित करने वाले हैं।

पीएफ अकाउंट पर टैक्स

एक अप्रैल 2022 से जो सबसे बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, उनमें सबसे अहम है पीएफ खाते पर टैक्स। दरअसल, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने Income-tax (25th Amendment) Rule 2021 को लागू करने का फैसला किया है।

यानि ईपीएफ खाते में 2.5 लाख रुपये तक टैक्स फ्री योगदान का कैप लगाया जा रहा है। अगर इससे ऊपर योगदान किया, तो ब्याज आय पर टैक्स लगेगा। वहीं सरकारी कर्मचारियों के जीपीएफ में टैक्स फ्री योगदान की सीमा 5 लाख रुपये सालाना है।

क्रिप्टो से कमाई पर टैक्स

नए वित्त वर्ष के पहले दिन यानी एक अप्रैल से एक बड़ा बदलाव क्रिप्टोकरेंसी पर लगने वाले टैक्स का है। बजट 2022-23 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी वर्चुअल डिजिटल एसेट या क्रिप्टो एसेट पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का एलान किया था।

इसके तहत अगर क्रिप्टो एसेट बेचने पर निवेशक को जो फायदा होगा उस पर उसे सरकार को टैक्स देना होगा। इसके साथ ही जब-जब कोई क्रिप्टो एसेट बेचा, तो उसकी बिक्री का एक फीसदी की दर से टीडीएस कटेगा।

दवाओं पर होगा ज्यादा खर्च

नए वित्त वर्ष की शुरुआत से आम आदमी को दवाइयों पर खर्च बढ़ने वाला है। जी हां, महंगाई की मार से पहने से परेशान लोगों के लिए एक अप्रैल से दवाएं खरीदना महंगा हो जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, 800 आवश्यक दवाओं की कीमतों में 10.7 फीसदी की बढ़ोतरी होने वाली है।

इनमें बुखार की बुनियादी दवा पैरासिटामॉल भी शामिल है। राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारक प्राधिकरण (एनपीपीए) ने इन दवाओं के थोक मूल्य सूचकांक में बदलाव को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।

डाकघर योजनाओं के नियम

डाकघर की मासिक आय योजना (एमआईएस), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस) या डाकघर टर्म डिपॉजिट में निवेश से जुड़े नियम भी बदलने जा रहे हैं। इन स्कीमों में ब्याज की रकम एक अप्रैल से नकद नहीं मिलेगी। इसके लिए आपको बचत खाता खोलना होगा।

इसके अलावा जिन ग्राहकों ने अपने डाकघर बचत खाते या बैंक खाते को अपने इन योजनाओं से लिंक नहीं किया है और ऐसे मामलों में ब्याज का पेमेंट नहीं हो पा रहा है। इसलिए वे उसे लिंक कराना जरूरी होगा।

ई-चालान को लेकर नियम सरल

सीबीआईसी (केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड) ने माल और सेवा कर (जीएसटी) के तहत ई-चालान (इलेक्ट्रॉनिक चालान) जारी करने के लिए टर्नओवर सीमा को पहले तय सीमा 50 करोड़ रुपये से घटाकर 20 करोड़ रुपये कर दिया है। यह नियम भी एक अप्रैल 2022 से लागू हो जा रहा है।

एक्सिस बैंक में ये बड़ा बदलाव

एक्सिस बैंक में जिन ग्राहकों का सैलरी अथवा सेविंग अकाउंट है, उनके लिए 1 अप्रैल 2022 से नए नियम लागू हो रहे हैं। बैंक ने बचत खाते में मिनिमम बैलेंस की सीमा 10 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दी है।

एक्सिक बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक बैंक ने फ्री कैश ट्रांजैक्शन की निर्धारित सीमा को भी बदलकर चार फ्री ट्रांजैक्शन या 1.5 लाख रुपये कर दिया है।

गैस सिलेंडर में और वृद्धि संभव

हर महीने की तरह ही अप्रैल के पहले दिन भी गैस सिलेंडर के दाम में बदलाव हो सकता है। जिस तरह से देश में पेट्रोल-डीजल के दाम में दिन-ब-दिन बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल में एक बार फिर गैस सिलेंडर के दामों में वृद्धि की जा सकती है।

गौरतलब है कि हाल ही में रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये का इजाफा कर आम जनता पर बोझ डाला गया है।

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