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इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने ‘फिन्क्लुवेशन’ लॉन्च किया


नई दिल्ली : भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ तथा वर्तमान में जारी आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर डाक विभाग (डीओपी) के तहत एक 100 प्रतिशत सरकारी स्वामित्व वाले निकाय इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक ने ‘फिन्क्लुवेशन’ – वित्तीय समावेशन के लिए समाधानों के सह-सृजन तथा नवोन्मेषण के लिए फिनटेक स्टार्टअप समुदाय के साथ सहयोग करने के लिए एक संयुक्त पहल- लॉन्च करने की घोषणा की।इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक

लॉन्च के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए रेल, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स तथा आईटी मंत्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि देश ने यूपीआई, आधार जैसे वैश्विक रूप से अग्रणी तकनीकी नवोन्मेषणों के माध्यम से फिनटेक स्पेस में लम्बी छलांग लगाई है। उन्होंने कहा, ‘फिनक्लुवेशन इसी दिशा में एक कदम है। वित्तीय समावेशन के लिए लक्षित सार्थक वित्तीय उत्पादों के निर्माण की दिशा में स्टार्टअप समुदाय को प्रोत्साहित करने के लिए एक शक्तिशाली मंच की स्थापना करने की यह उद्योग की प्रथम पहल है। आईपीपीबी के बैंकिंग पक्ष के संयोजन के साथ, डीओपी का विश्वसनीय तथा द्वार तक सेवा प्रदान करने वाला नेटवर्क और स्टार्टअप्स की टेक्नो-फंक्शनल प्रतिभा देश के नागरिकों को बेहतर सेवा उपलब्ध करा सकती है।’

संचार राज्यमंत्री देवु सिंह चौहान ने कहा, ‘फिनक्लुवेशन सहभागी स्टार्टअप्स के साथ समावेशी वित्तीय समाधानों को सह-सृजित करने के लिए आईपीपीबी का एक स्थायी प्लेटफॉर्म होगा। आईपीपीबी तथा डाक विभाग सामूहिक रूप से निकटवर्ती डाक घर के माध्यम से लगभग 430 मिलियन ग्राहकों को 4,00,000 से अधिक विश्वसनीय तथा सक्षम डाक घर कर्मचारियों और ग्रामीण डाक सेवकों के द्वार उनके द्वार तक सेवा करेंगे- और इसे विश्व का सबसे बड़ा और भरोसेमंद डाक नेटवर्क बनाएंगे।’

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इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के बारे में

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की स्थापना संचार मंत्रालय के डाक विभाग के तहत, भारत सरकार के स्वामित्व वाली 100% इक्विटी के साथ की गई है। आईपीपीबी को 1 सितंबर, 2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। बैंक की स्थापना भारत में आम आदमी के लिए सबसे सुलभ, किफायती और भरोसेमंद बैंक बनाने की दृष्टि से की गई है। आईपीपीबी का मूल उद्देश्य बिना बैंक वाले और कम बैंकिंग सुविधा वाले लोगों के लिए बाधाओं को दूर करना है और 160,000 डाकघरों (ग्रामीण क्षेत्रों में 145,000) और 400,000 डाक कर्मचारियों के नेटवर्क का लाभ उठाकर अंतिम मील तक पहुंचना है। आईपीपीबी की पहुंच और इसका प्रचालनगत मॉडल सीबीएस-एकीकृत स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से सरल और सुरक्षित तरीके से ग्राहकों के द्वार तक कागज रहित, नकदी रहित और उपस्थिति-रहित बैंकिंग को सक्षम करता है। मितव्ययी नवोन्मेषण का लाभ उठाते हुए और आम लोगों के लिए बैंकिंग की सुगमता पर समुचित ध्यान देने के साथ, आईपीपीबी 13 भाषाओं में उपलब्ध सहज ज्ञान युक्त इंटरफेस के माध्यम से सरल और किफायती बैंकिंग समाधान प्रदान करता है। आईपीपीबी कम नकदी वाली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और डिजिटल इंडिया के विजन में योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत तभी समृद्ध होगा जब प्रत्येक नागरिक को आर्थिक रूप से सुरक्षित और सशक्त बनने का समान अवसर प्राप्त होगा। हमारा आदर्श वाक्य है- प्रत्येक ग्राहक महत्वपूर्ण है; प्रत्येक लेन-देन महत्वपूर्ण है, और प्रत्येक जमा मूल्यवान है।

आईपीपीबी के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए विजिट करें www.ippbonline.com

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