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शंखनाद की ध्वनि के साथ सरस व शिल्प मेले के उद्घाटन से हुआ अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य शुभारंभ


अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2023 के शिल्प व सरस मेले की सबसे सुंदर शुरुआत, ढोल-नंगाड़ो, शिल्पकारों और कलाकारों का अद्भुत संगम, राज्यपाल ने स्वयं कलाकारों से की मुलाकात

चंडीगढ़ : राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने शंखनाद की ध्वनि के बीच कुरुक्षेत्र में सरस और शिल्प मेले के उद्घाटन किया और इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। इस सरस और शिल्प मेले के शुभारंभ के साथ ही प्रदेश के 24 राज्यों से आए कलाकारों और शिल्पकारों की खुशी का ठिकाना ना रहा। इन कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेश की संस्कृति की छटा बिखेर कर उद्घाटन समारोह को यादगार बनाने के साथ-साथ चार चांद लगाने का काम किया। इस सरस और शिल्प मेले के साथ राज्यपाल ने मंत्रौच्चारण के बीच महोत्सव के मीडिया सेंटर का भी उद्घाटन किया।

राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने वीरवार को ब्रहमसरोवर के पावन तट पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2023 में दीपशिखा प्रज्जवलित करके परंपरा अनुसार सरस और शिल्प मेले का शुभारंभ किया और श्रीमदभगवद गीता की प्रति पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा को व्यक्त किया। इसके पश्चात राज्यपाल ने ब्रह्मसरोवर के तट पर शिल्प और सरस मेले का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने ढोल-नंगाड़ा पार्टी, करतब दिखा रहे कलाकार, नृत्य कर रहे कलाकार और बीन पार्टी से बातचीत की। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकला को देखकर शिल्पकारों के साथ अपने मन की भावनाओं को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए ऐतिहासिक अवसर है। इस शिल्प और सरस मेले की सुंदर और भव्य शुरुआत शिल्पकारों के लिए सार्थक होगी। इस ब्रहमसरोवर के पावन तट पर दूर-दराज से आने वाले लाखों पर्यटकों के लिए एक मंच पर 24 राज्यों के 250 से ज्यादा शिल्पकारों और सरस मेले में पहुंचे सेल्फ हेल्प ग्रुप के सदस्यों की कला देखने को मिलेगी। यह दृश्य पर्यटकों के लिए अद्भुत और अनोखा होगा। इस मेले के लिए केडीबी और प्रशासनिक अधिकारी बधाई के पात्र है, सभी के साझे प्रयासों से इस मेले का परंपरा अनुसार आगाज हुआ है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2023 का आयोजन 7 से 24 दिसंबर तक किया जाएगा और मुख्य कार्यक्रम पहली बार 8 दिवसीय होंगे और यह कार्यक्रम 17 से 24 दिसंबर तक चलेंगे। इस महोत्सव में संत सम्मेलन, दीपोत्सव, गीता सेमिनार, वैश्विक गीता पाठ मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इन कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और प्राचीन संस्कृति से आत्मसात होने का अनोखा अवसर भी मिलेगा। विधायक सुभाष सुधा ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से छोटे से महोत्सव को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। अब यह महोत्सव आमजन का महोत्सव बन चुका है। इस महोत्सव में लाखों लोग पहुंचते है। उपायुक्त शांतनु शर्मा ने मेहमानों का आभार व्यक्त करते हुए तीर्थ यात्रियों के लिए प्रशासन की तरफ से पुख्ता इंतजाम किए गए है। इस अवसर पर थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, अंबाला मंडल आयुक्त रेणू फुलिया, उपायुक्त शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया, एडीसी एवं केडीबी सीईओ अखिल पिलानी, केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, 48 कोस तीथ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, केडीबी सदस्य अशोक रोसा, डा. ऋषिपाल मथाना, कैप्टन अमरजीत सिंह, युद्घिष्ठïर बहल आदि उपस्थित थे।

गीता का संदेश जितना पहले उपयोगी था, उतना आज भी उपयोगी
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के शुभारंभ का ऐतिहासिक अवसर है। हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र की भूमि पर भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। यह गीता ज्ञान उस वक्त जितना उपयोगी था, आज भी उतना ही उपयोगी है। कुरुक्षेत्र भी उस वक्त जितना उपयोगी था, आज भी उतना ही उपयोगी है। गीता का यह संदेश युगों-युगों तक याद रखा जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि गीता महोत्सव न केवल कुरुक्षेत्र की भूमि पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर भी मनाया जा रहा है। आज विधिवत रूप से सरस मेले के उद्घाटन के साथ इसका शुभारंभ हुआ है।
देश और विदेशों से पहुंचेंगे लोग

राज्यपाल ने कहा कि देश और विदेश से लोग अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहुंचेंगे। इस बार भी लाखों की संख्या में लोग पहुंचेंगे। इसके साथ-साथ विभिन्न प्रांतों से कलाकार, शिल्पकार, कारीगर व सामान बेचने वाले स्वयं सहायता समूह महोत्सव में पहुंचे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है और लोगों को हमारी संस्कृति जानने का अवसर भी मिलता है।

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