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जानलेवा हो सकता है आपका मोटापा, कैसे करें कम।


ब्यूरो/उत्तराखण्ड लाइव: यदि आप जरूरत से ज्यादा मोटापे के शिकार हैं तो यह लेख आपके लिए है। अस्वस्थ जीवनशैली के कारण उत्पन्न बीमारियों में से सबसे बड़ी बीमारी मोटापा है। यह बीमारी पूरी दुनिया में एक महामारी बन कर उभर रही है। भारत में अनेक लोग मोटापा के शिकार हैं। मोटापे के कारण शरीर में कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। जब परेशानियां बढ़ने लगती हैं तो लोग मोटापा कम करने के लिए उपाय खोजने लगते हैं।

आखिर किसे कहते हैं मोटापा: आइए जानते हैं कि किसे कहते हैं मोटापा। जब किसी व्यक्ति का शरीर का वजन, सामान्य से अधिक हो जाता तो उसे मोटापा कहते हैं। आप रोज जितनी कैलोरी भोजन के रूप में लेते हैं, जब आपका शरीर रोज उतनी खर्च नहीं कर पाता है, तो शरीर में अतिरिक्त कैलोरी फैट के रूप में जमा होने लगता है, जिससे शरीर का वजन बढ़ने लगता है।

क्या होता है मोटे का मुख्य कारण:— मोटापे के बहुत से कारण होते हैं।अधिक वजन वाले व्यक्तियों के शरीर में अत्यधिक मात्रा में चर्बी जमा रहती है जिसका कारण है गलत दिनचर्या, प्रदूषण और अपच। वजन दो कारणों से बढ़ता है।

अस्वस्थ खान-पान और दूसरा शारीरिक गतिशीलता में कमी आना।

मोटे क्या मुख्य लक्षण होते हैं:— किसी व्यक्ति का उचित वजन कितना होना चाहिए, यह बी.एम.आई. पर निर्भर करता है। बी.एम.आई. दो बातों पर निर्भर करती हैः- कद और वजन। आप बीएमआई से अपने वजन की जांच कर सकते हैं। बी.एम.आई. का यह फार्मूला है- वजन (कि.ग्रा. में)/कद (मीटर में )।
अगर आपकी बीएमआई 18.5 से कम है तो आप अंडरवेट माने जाएंगे।
अगर आपकी बीएमआई 18.5 से 24.9 के बीच है तो आपका वजन सामान्य माना जाएगा। इसी तरह 25 से 029.9 तक की बी.एम.आई. होने पर ओवरवेट माना जाता है। 30 से ज्यादा की बी.एम.आई. होने पर ओबीज या मोटापा कहलाता है।

क्या करें मोटापा कम करने के लिए:— मोटापा कम करने के लिए सबसे पहले अपनी दिनचर्या को बदलना होगा। रोजाना छोटी बड़ी कसरत या योग क्रियाओं को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। जंक फूड खाना बंद किया जाना चाहिए। साथ ही समय पर और अच्छा खाने का सेवन होना चाहिए। इसके अलावा निम्नलिखित का उपयोग खाने में करना चाहिए:—

दालचीनी का सेवन : — 200 मि.ली. पानी में 3-6 ग्राम दालचीनी पाउडर डालकर 15 मिनट तक उबालें। गुनगुना होने पर छानकर इसमें एक चम्मच शहद मिला लें। सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले पिएँ। दालचीनी एक शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरियल है, जो नुकसानदायक बैक्टीरिया से छुटकारा दिलाने में मदद करती है।

अदरक और शहद:— 30 मि.ली. अदरक के रस में दो चम्मच शहद मिलाकर पिएँ। अदरक और शहद शरीर की चयापचय क्रिया को बढ़ाकर अतिरिक्त वसा को जलाने का काम करते हैं। अदरक अधिक भूख लगने की समस्या को भी दूर करता है, तथा पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है। इस योग को सुबह खाली पेट तथा रात को सोने से पहले लेना।

नींबू और शहद:— लगभग एक गिलास पानी में आधा नींबू, एक चम्मच शहद एवं एक चुटकी काली मिर्च डालकर सेवन करें। काली मिर्च में पाइपरीन नामक तत्व मौजूद होता है। यह नई वसा कोशिकाओं को शरीर में जमने नहीं देता है। नींबू में मौजूद एसकोरबिक एसिड शरीर में मौजूद क्लेद को कम करता है, और शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है।

सेब के सिरके का सेवन: — एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर सेवन करें। इनमें मौजूद पेपटिन फाइबर से पेट को लम्बे समय तक भरा होने का एहसास होता है। यह लिवर में जमे फैट को घटाने में मदद करता है।

पत्तागोभी का सेवन:— भोजन में पत्तागोभी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। इसे उबालकर या सलाद के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। इसमें मौजूद टैरटेरिक एसिड शरीर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट को वसा में परिवर्तित नहीं होने देता। इसलिए वजन कम करने में सहायता मिलती है।

इलायची का सेवन:— रात में सोते समय दो इलायची खाकर गर्म पानी पीने से वजन कम करने में सहायता मिलती है। इलायची पेट में जमा फैट को कम करती है, तथा कोर्सिटोल लेवल को भी नियंत्रित रखती है। इसमें मौजूद पोटेशियम, मैग्नेशियम, विटामिन बी1, बी6 और विटामिन सी वजन घटाने के साथ ही शरीर को स्वस्थ रखते हैं। इलायची अपने गुणों से शरीर में पेशाब के रूप में जमा अतिरिक्त जल को बाहर निकालती है।

सौंफ का सेवन:— 6-8 सौंफ के दानों को एक कप पानी में पाँच मिनट तक उबालें। इसे छानकर सुबह खाली पेट गर्म -गर्म ही पिएँ। इससे अधिक भूख लगने की समस्या से राहत मिलेगी तथा खाने की इच्छा कम होगी।

 

त्रिफला चूर्ण का प्रयोग:— एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को रात में 200 मि.ली. पानी में भिगा दें। सुबह इसे आधा होने तक उबालें। गुनगुना होने पर इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर पिएँ। कुछ ही दिनों में निश्चित ही वजन कम होगा। त्रिफला शरीर में मौजूद विषाक्त तत्वों को बाहर निकालता है।

पुदीना का इस्तेमाल:— पुदीना की पत्तियों के रस की कुछ बूँद गुनगुने पानी में मिलाएँ। इसे खाना खाने के आधे घण्टे बाद पिएँ। यह पाचन में सहायक तथा चयापचय क्रिया को बढ़ाकर वजन घटाने में मदद करता है। इसका उपयोग लम्बे समय तक किया जा सकता है।

मौसमी फल और सब्जियों का सेवन:— जिस स्थान में व जिस मौसम में जो फल एवं सब्जियां पैदा होती है उनमें से अपनी प्रकृति के अनुसार खाना चाहिए जैसे कि ठण्डी जगहों एवं ठण्डे मौसम में गर्म तासीर वाले भोज्य पदार्थ तथा गर्म जगहों एवं मौसम में ठण्डी तासीर वाले भोजन खाने चाहिए।

जीवनशैली को बदना होगा:— मोटापा से छुटकारा पाने के लिए आपकी जीवनशैली ऐसी होनी चाहिए :

  • सुबह उठकर सैर पर जाएं और व्यायाम करें।
  • सोने से दो घण्टे पहले भोजन कर लेना चाहिए।
  • रात का खाना हल्का व आराम से पचने वाला होना चाहिए।
  • संतुलित और कम वसा वाला आहार लें।
  • वजन घटाने के लिए आहार योजना में पोषक तत्वों को शामिल करें।
  • एक साथ ज्यादा खाने की जगह थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ सुपाच्य एवं हल्का खा लेना चाहिए।
  • आपके भोजन में हरी सब्जियाँ, फल, दही, छाछ, छिलके वाली दालें और नट्स होने चाहिए।
  • फलों के रस व गुनगुने जल का सेवन करते हुए सप्ताह में एक बार उपवास रखना चाहिए
  • वजन कम करने के लिए भोजन कभी न छोड़ें। इसकी बजाय संतुलित आहार का सेवन करें और व्यायाम करें। संतुलित आहार के सेवन करने से वजन नहीं बढ़ता एवं व्यक्ति स्वस्थ रहता है।
  • खाना कभी ना छोड़ें। दिन भर में तीन बार भोजन अवश्य करें। अगर आप तीनों समय के भोजन में से किसी एक बार का भोजन छोड़ते हैं तो इसका नतीजा यह होता कि आप अगली बार के भोजन में अधिक आहार का सेवन करते हैं और इसकी वजह से वजन बढ़ता है।
  • नाश्ता जरूर करें। दिन भर की शारीरिक क्रियाएँ करने के लिए शरीर को ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो कि बिना नाश्ते के सम्भव नहीं है।
  • प्रतिदिन सुबह 4-5 किलोमीटर तेजी से पैदल चलें उसके 10 मिनट बाद कुर्सी पर बैठकर पेट भर गुनगुना जल घूंट-घूंट पियें।

 

वजन घटाने के दौरान निम्नलिखित परहेज को जरूर करें:—

चीनी, नमक व मैदा जितना हो सके कम से कम खायें।

कफ बढ़ाने वाला आहार का न करें सेवन।
प्रचुर कार्बोहाइड्रैट युक्त भोजन यथा चावल, आलू, सकरकन्दी आदि, मिठाईया, मीठे पेय पदार्थ, कोल्ड ड्रिंक्स, तले हुये खाद्य पदार्थ, फास्ट फूड, जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, चाकॅलेट, चीज, बटर, पनीर, मछली, अंडा, मीट आदि मांसाहार, सोडा ये सभी कफ व आम को बढ़ाने वाले होते है।

 

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