Connect with us

नकल रोकने के लिए सख्त कानून, आयोग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट में किया जा सकता है पेश…

उत्तराखंड

नकल रोकने के लिए सख्त कानून, आयोग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट में किया जा सकता है पेश…

Uttarakhand News: उत्तराखंड में जहां एक के बाद एक परीक्षा में हुई धांधली की पोल खुल रही है। आरोपियों की धरपकड़ जारी है। सियासत गरमाई हुई है। वहीं अब नकल रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रदेश में विभिन्न सरकारी पदों पर होने वाली भर्ती के लिए अब सख्त कानून बनाने की तैयारी है। जिसके तहत सालों की जेल और करोड़ों का जुर्माना लगेगा।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री ने 306 करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं को दी मंजूरी…

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने शासन को नकल रोधी सख्त कानून का प्रस्ताव भेजा है, जिसका कार्मिक विभाग अध्ययन कर रहा है। इसके तहत अब नकल करते पकड़े जाने पर पांच साल और संगठित होकर नकल कराने के मामलों में 10 साल की कैद तथा 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रविधान हो सकता है।

बताया जा रहा है कि आयोग ने इस कानून के लिए सुझाव दिया है कि यदि कोई अभ्यर्थी भर्ती परीक्षा में पर्ची, मोबाइल अथवा अन्य माध्यमों से नकल करता पकड़ा जाता है तो ऐसे मामलों में पांच साल की सजा और एक लाख तक का जुर्माने का प्रविधान किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि प्रस्ताव का अभी परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  मतदाता सूची पुनरीक्षण की जमीनी हकीकत परखने ग्राउंड जीरो पर पहुंचे डीएम

आयोग के प्रस्ताव में कहा गया है कि भर्ती परीक्षा में यदि संगठित गिरोह के जरिये नकल कराने के प्रकरण सामने आते हैं तो ऐसे मामलों में 10 साल की सजा और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। इसके साथ ही आरोपितों से परीक्षा कराने का व्यय और संपत्ति कुर्क कराना भी प्रस्तावित किया गया है। माना जा रहा है कि इस समय कार्मिक विभाग इस प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है। इसके बाद इसे कैबिनेट में लाया जा सकता है।

Continue Reading

More in उत्तराखंड

उत्तराखंड

उत्तराखंड

ट्रेंडिंग खबरें

To Top