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आध्यात्मिक दृष्टिकोण से मिलेगा वैदिक शिक्षा का ज्ञान।


वैदिक शिक्षा को जन—जन तक पहुंचाने में पीठाधीश्वर कैलाशानंद का प्रयास।
हरिद्वार,उत्तराखण्ड लाइव: आज के समय में सनतन धर्म से जुड़े लोगों को अपना और अपने धर्म विशेष का ज्ञान होना बेहद जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि सर्वप्रथम हमें अपने वैदिक धर्मग्रंथों का अध्ययन किया जाए। धार्मिक गुरूओं व साधकों के पीठाधीश्वर कैलाशानंद महाराज ने यह बात कही।

हरिद्वार में प्लेनेटकुल के निदेशक अभिषेक से हुई वार्ता में धर्मगुरू पीठाधीश्वर कैलाशानंद ने भारत के सनातनियों को जगने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज भारत देश को विश्वगुरू बनने से कोई नहीं रोक सकता। लेकिन इसके लिए भारत के सनातनियों को अपने कुल,धर्म और धर्म ग्रंथों का ज्ञान होना जरूरी है। कहा कि इसके लिए जरूरी है कि हमारे वैदिक ग्रंथों को भी आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है। आपको बता दें कि पीठाधीश्वर कैलाशानंद ने वैदिक ग्रंथों के अध्ययन के माध्यम से आध्यात्मिक सिद्धांतों को समझाने और बढ़ावा देने के उपायों पर काम किया है ताकि युवा पीढ़ी इन शास्त्रों को अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित हो सके। इसके परिणामस्वरूप, वैदिक शिक्षा को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से जोड़ने के प्रयास से आध्यात्मिक ज्ञान को जनमानस में अधिक महत्वपूर्ण बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

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