चडीगढ
सीटीयू यूनियन के चुनाव में लगातार तीसरी बार शेर पैनल ने बाजी मारी
इस बार भी 14 वोटों से ही जीत हासिल की
बलबीर सिंह प्रधान, अत्तर सिंह उपप्रधान, मनदीप महासचिव व संजीव कुमार वित्त सचिव चुने गए
चण्डीगढ़ : चण्डीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के वार्षिक चुनाव में इस बार फिर से शेर पैनल ने जीत हासिल की है। ये शेर पार्टी की लगातार तीसरी जीत है। मुख्य चुनाव अधिकारी कृष्ण लाल मलिक एवं उनके सहायक सचिन यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार दो ही पैनल चुनाव मैदान में थे। चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुए। उन्होंने चुनाव परिणाम घोषित करते हुए बताया कि कुल वोट 1478 वोटरों में से कुल 1432 मतदाताओं ने वोटें डाली जिसमें से 6 रद्द हो गईं। आमने-सामने की टक्कर में शेर पार्टी ने फिर से बाजी मारते हुए रेल इंजन पार्टी 14 वोटों से हराया। पिछली बार चार पैनल चुनाव मैदान में थे, पर मुख्य मुकाबला इन दोनों पार्टियों ही हुआ था व जीत का अंतर भी संयोगवश 14 ही था। इस बार शेर पार्टी को 720 तथा रेल इंजन पार्टी को 706 वोट मिले। शेर पैनल की ओर से प्रधान पद के लिए बलबीर सिंह (इंस्पेक्टर), उपप्रधान पद के लिए अत्तर सिंह (ड्राइवर), महासचिव पद के लिए मनदीप (कंडक्टर) और वित्त सचिव पद के लिए संजीव कुमार चुनाव मैदान में उतरे थे।
जीत हासिल करने के बाद प्रधान बलबीर सिंह ने कहा कि वे सीटीयू कर्मियों के हितों का पूरा ध्यान रखेंगे और उनकी समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर हल करवाएंगे।उन्होंने बताया कि पिछले 2 सालों से जीत हासिल करने के बाद उनके पैनल ने कर्मचारियों की अनेक मांगों को हल करने में सफलता हासिल की थी, जिस कारण उनके पैनल को एक बार फिर से समर्थन हासिल हुआ।

उन्होंने आगे की योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ड्राईवर कर्मचारियों के लिए यार्ड मास्टर की 20 पोस्टें भरने के लिए केस बनवा कर फाईल आगे भेजी गई हुई है, इसे वह जल्द पास कराएंगे। जिन नये कंडक्टरों का प्रीबेशन पीरियड पूरा हो चुका है, उन सभी को इंक्रीमेंट लगाने का केस तैयार कर दिया है, इसे भी पूरा कराएंगे। जिन 2017 के कंडक्टरों का सैलरी का ऐरीयर है, वह भी बन गया है, जोकि एक करोड़ रुपए के लगभग है। उसके लिए सीटीयू मैनेजमेंट ने चंडीगढ़ प्रशासन से बजट मांगा है, जिसका भुगतान भी जल्द कराया जाएगा। नौकरी से निकाले गए कई आउटसोर्स कर्मचारियों की दुबारा नौकरी पर बहाल करवाया गया था और अब बाकी बचे कर्मचारियों के लिए भी आवाज़ उठाएंगे। यूनियन द्बारा प्राइवेट ऑपरेटरों से इलैक्ट्रिक बसें लेकर चंडीगढ़ में चलाने का विरोध जारी रहेगा। नई बसों के लिए मिले 20 करोड़ रुपए के बजट को नई बसों पर ही खर्चने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा। अलग-अलग कैटेगरी की रैगुलर भर्ती का प्रोसेस भी सिरे लगाया जाएगा। चंडीगढ़ में चल रही आठ राज्यों की सरकारी बसों के बारे में सभी स्टेट से रैसीपरोकल एग्रीमैंट करने के लिए कोशिश जारी रहेगी। चंडीगढ़ से गैरकानूनी चल रही प्राईवेट बसें, टैपू ट्रैवल, आटो रिक्शा, रैपिड और बस स्टैंड 43 से बिना प्रमिट चल रही इलीगल कोच बसों के खिलाफ भी यूनियन का मोर्चा जारी रहेगा।
