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माय भारत चंडीगढ़ द्वारा वंदे मातरम् शिविर का समापन समारोह आयोजित

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माय भारत चंडीगढ़ द्वारा वंदे मातरम् शिविर का समापन समारोह आयोजित

चंडीगढ़ : युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में माय भारत चंडीगढ़ द्वारा 3 नवंबर 2026 को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में सप्ताहव्यापी वंदे मातरम् शिविर का समापन समारोह आयोजित किया गया। यह शिविर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव, एकता एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना था।समापन समारोह में जस्मनप्रीत सिंह, वरिष्ठ उप महापौर, चंडीगढ़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, माय भारत चंडीगढ़ द्वारा स्वागत संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया तथा शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों, उपलब्धियों एवं प्रमुख अनुभवों पर आधारित संक्षिप्त कार्यक्रम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि जस्मनप्रीत सिंह ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए शिविर में उनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की। उन्होंने युवाओं को शिविर के दौरान प्राप्त ज्ञान, अनुभवों एवं सीख को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा एक जागरूक, जिम्मेदार एवं सूचित नागरिक बनकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
शिवधन शर्मा, यूटी निदेशक, माय भारत चंडीगढ़ ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया तथा उनमें शिविर के माध्यम से विकसित देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को अपने जीवन में बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
समारोह के दौरान शिविर में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को उनकी सक्रिय सहभागिता एवं सफलतापूर्वक शिविर पूर्ण करने के उपलक्ष्य में सहभागिता पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के अंत में हरि प्रकाश, लेखा एवं कार्यक्रम पर्यवेक्षक द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि, गणमान्य अतिथियों, आयोजकों एवं सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा शिविर को सफल बनाने में उनके योगदान की सराहना की।
इस प्रकार वंदे मातरम् शिविर का समापन युवाओं में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक चेतना एवं जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ हुआ।

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