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1984 की बरसी पर झिंझर बोले, पीड़ित आज भी न्याय की प्रतीक्षा में; यूथ अकाली दल ने फरीदकोट क्षेत्र में की बैठकें

पंजाब

1984 की बरसी पर झिंझर बोले, पीड़ित आज भी न्याय की प्रतीक्षा में; यूथ अकाली दल ने फरीदकोट क्षेत्र में की बैठकें

फरीदकोट, 1 नवंबर: यूथ अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हलका घनौर के इंचार्ज सरबजीत सिंह झिंझर ने रविवार को कोटकपूरा, फरीदकोट और जैतो (अ.जा.) विधानसभा क्षेत्रों में युवा कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों की अध्यक्षता की। इन बैठकों में संबंधित हलका इंचार्ज मंतर सिंह बराड़, परमबंस सिंह रोमाणा और सुबा सिंह बादल भी उपस्थित रहे। इन बैठकों का उद्देश्य आगामी चुनावों के लिए युवाओं को लामबंद करना, उनसे सीधा संपर्क बनाना और उनकी जरूरतों व शिकायतों को सुनना था।
ये बैठकें 1 नवंबर को हुईं, जो 1984 के सिख विरोधी नरसंहार की बरसी है, जिसमें दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में हजारों सिख मारे गए थे। झिंझर और उपस्थित युवाओं ने इस दिन को विरोध स्वरूप मनाया। उपस्थित युवाओं ने काली पगड़ियां बांधीं, जबकि कुछ ने अपनी पगड़ियों पर काली पट्टियां लगाईं।
झिंझर ने कहा, “1984 में इसी दिन देश की राजधानी और अन्य स्थानों पर सिखों का कत्लेआम किया गया। चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकारें बदलीं, आयोग बने, लेकिन दोषियों को सजा नहीं मिली।”
वर्तमान स्थिति की ओर इशारा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार पंजाब की युवा पीढ़ी के साथ विश्वासघात कर रही है। उन्होंने कहा, “पहले कांग्रेस ने सिखों पर गोलियां चलाई थीं। आज ‘आप’ सरकार चिट्टे के जरिये हमारे युवाओं पर अत्याचार कर रही है। हथियार बदल गया है, लेकिन निशाने पर आज भी पंजाब की जवानी है।”

झिंझर ने कहा कि नशा प्रदेश भर के गांवों और शहरों में परिवारों को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, “हमारे युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा है, जबकि सप्लाई चेन चलाने वालों को संरक्षण मिला हुआ है। सरकार इसे तोड़ने में विफल रही है।”

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उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर हमला बोला और हत्याओं की श्रृंखला का जिक्र किया। हाल ही में तरन तारन में सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) इकबाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जो रिपोर्टों के अनुसार इस साल राज्य में मारे गए पांचवें पुलिसकर्मी हैं। झिंझर ने कहा, “जब पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे? पंजाब में हत्याएं, फिरौती और गैंगस्टरवाद आम बात बन गए हैं, और मुख्यमंत्री के पास इनका कोई जवाब नहीं है।”
युवा कार्यकर्ताओं को पार्टी में अहम भूमिका का भरोसा देते हुए झिंझर ने कहा, “शिरोमणि अकाली दल युवाओं को प्राथमिकता देगा। उन्हें पार्टी के संगठन, निर्णय प्रक्रिया और चुनावों में वास्तविक हिस्सेदारी मिलेगी। हर उस युवा के लिए हमारे दरवाजे खुले हैं जो पंजाब के लिए काम करना चाहता है।” उन्होंने हलका इंचार्जों को निर्देश दिया कि वे हर गांव और वार्ड तक पहुंचें, रोजगार, शिक्षा और नशे से जुड़ी युवाओं की समस्याओं को सुनें और यह सुनिश्चित करें कि उनकी चिंताएं पार्टी नेतृत्व तक पहुंचें।

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