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पठाल होम स्टे के प्रबंधन से रूबरू हुए छात्र।


उद्यमिता के गुर सीख रहे ऋषिकेश कैंपस के छात्र।
देवभूमि उद्यमिता योजना के 12 दिवसीय कार्यशाला।

ऋषिकेश,उत्तराखण्ड लाइव: श्रीदेवसुमन विश्विविद्यालय उत्तराखण्ड ऋषिकेश कैंपस के छात्र इन दिनों उद्यमिता व स्वरोजगार के गुर सीख रहे हैं। शैक्षिक भ्रमण कर उन्होंने होम स्टे प्रबंधन और उसके संचालन जुड़ी प्रक्रिया को समझा। विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागी छात्र—छात्राओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं व अवसरों की जानकारी भी दी गई।

देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) उच्च शिक्षा विभाग की ओर से ऋषिकेश कैंपस में उद्यमिता के गुर विषय पर 12 दिवसीय कार्यशाला संचालित की जा रही है। जिसके तहत बुधवार को कैंपस के 37 छात्र—छात्राओं को बड़ासी गांव स्थित पठाल होम स्टे का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। जहॉ छात्र—छात्राओं ने उत्तराखण्ड में घर तैयार करने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली पारम्प​रिक कोटी बना वास्तुकला शैली को समझा। पठाल होम स्टे के महेश पैन्यूली ने छात्र—छात्राओं को पठाल की परिभाषा को समझाते हुए इसका निर्माण कराने वाले फौजी, मेजर गोर्की चंदोला के दृष्टिकोण को साझा किया। बताया कि मिट्टी से जुड़े मेजर ने उत्तराखण्डी धरोहर पठाल और तिबार को संजोए रखने के लिए इस होम स्टे का निर्माण किया और शहरी वातावरण से दूर वे अपने परिवार के साथ अपने पैतृक गांव में ही रहा करते हैं। वहीं देवभूमि उद्यमिता योजना उत्तराखण्ड के प्रोजेक्ट मैनेजर सिद्धार्थ रावत ने छात्रों को होम स्टे प्रबंधन व संचालन की बारियों के बारे में बताया। जानकारी देते हुए देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी प्रोफेसर अनीता तोमर ने बताया कि इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्र—छात्राओं को उद्यमिता के प्रति जागरूक करने व उनके भीतर स्वरोजगार की ललक पैदा करना है।

ऋषिकेश कैंपस की प्रेफेसर कंचनलता सिन्हा ने बताया कि 12 दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला में छात्र—छात्राओं को विषय विशेषज्ञों द्वारा लघु उद्योग, स्वरोजगार, प्रबंधन आदि की जानकारियां दी जा रही है। प्रोफेसर लता पांण्डेय द्वारा प्रतिभागी छात्रों को वित्त प्रबंधन की जानकारी दी गई।

 

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