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राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर शिक्षकों की विचार गोष्ठी, भविष्य की शिक्षा पर मंथन


उत्तराखण्ड लाइव | ऋषिकेश।
विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, आवास विकास, ऋषिकेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 पर आधारित एक दिवसीय शैक्षिक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह गोष्ठी पूर्णतः शिक्षकों के लिए और शिक्षकों द्वारा आयोजित की गई, जिसमें नई शिक्षा नीति के शैक्षिक, सांस्कृतिक और व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। गोष्ठी का नेतृत्व प्रधानाचार्य विजय बडोनी, प्रधानाचार्या रजनी रावत, विद्यालय के प्रधानाचार्य उमाकांत पंत और पूर्व प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने किया।

प्रधानाचार्य विजय बडोनी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षक की भूमिका को केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माता के रूप में स्थापित करती है।
वक्ताओं ने रटंत प्रणाली से मुक्त शिक्षा, मातृभाषा में शिक्षण, बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास और शिक्षक सशक्तिकरण जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।

गोष्ठी में शिक्षकों के बीच संवाद से शिक्षा में नवाचार, मूल्य आधारित शिक्षण और छात्र-केंद्रित शिक्षा को लेकर सकारात्मक निष्कर्ष सामने आए। प्रधानाचार्य उमाकांत पंत ने कहा कि इस तरह की संगोष्ठियां नई शिक्षा नीति को व्यवहार में उतारने की दिशा में प्रेरक सिद्ध होती हैं।

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया गया। संचालन शिक्षक पंकज मिश्रा ने किया। गोष्ठी में ऋषिकेश के तीन विद्यालयों से लगभग 110 शिक्षक उपस्थित रहे।

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