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भक्ति के लिए अभ्यास पुस्तिका के समान है भागवत : पंडित हरीश शर्मा


चण्डीगढ़ : पितृ पक्ष के उपलक्ष्य में श्री ब्राह्मण महासभा, चण्डीगढ़ द्वारा श्री परशुराम भवन, सेक्टर 37 में कराई जा रही श्रीमद्भागवत कथा में आज कथा व्यास पंडित हरीश शर्मा ने कहा कि जो अभय पद को प्राप्त करना चाहता है, उसे तो सर्वात्मा, सर्वशक्तिमान् भगवान श्रीकृष्ण की ही लीलाओं का श्रवण, कीर्तन और स्मरण करना चाहिये। भागवत कथा का पठन एवं श्रवण भक्ति का एक प्रमुख अंग है। भक्ति के लिए जीव को जिन-जिन सामग्रियों की आवश्यकता पड़ती है उसका भंडार है भागवत।

सिद्धांत से पता चल गया भक्ति करनी है। परंतु बिना भगवान के लीला का अवलंब भक्ति का अभ्यास कैसे करें। भागवत भक्ति के लिए अभ्यास पुस्तिका के समान है। आज कथा व्यास ने ध्रुव चरित्र, प्रहलाद चरित्र, भगवान राम तथा भगवान कृष्ण के जन्म के प्रसंग का भी वर्णन किया।

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