लैंगिक समानता: बदलाव की ओर एक कदम – ओंकारानंद इंस्टीट्यूट में जागरूकता कार्यशाला आयोजित
उत्तराखंड लाइव/ऋषिकेश– समाज में जेंडर असमानता को खत्म कर समान अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ओंकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में सोमवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को पूर्वाग्रहों को पहचानने, पितृसत्तात्मक सोच को समझने और समानता को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया। इंटरएक्टिव सत्रों और गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने जेंडर असमानता के प्रभाव को जाना और समाज में बदलाव लाने के उपायों पर चर्चा की।
इस कार्यशाला का आयोजन शिक्षा विभाग के तत्वावधान में हुआ, जिसमें अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन, डोईवाला, देहरादून का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. पी.के. राठी द्वारा मुख्य अतिथियों के स्वागत से हुआ, जहां उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किए गए। इसके बाद, छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं।
फाउंडेशन के समन्वयक श्री संजय नौटियाल ने कार्यशाला की शुरुआत करते हुए लैंगिक समानता की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके बाद, रिसोर्स पर्सन प्रतिभा जी और संजय नौटियाल जी ने विद्यार्थियों को इंटरएक्टिव एक्टिविटीज के माध्यम से जेंडर असमानता को समझने और इससे निपटने के उपायों पर चर्चा की।
कार्यशाला के दौरान, विद्यार्थियों ने अपने भीतर मौजूद पूर्वाग्रहों को पहचाना, समाज में फैली पितृसत्तात्मक सोच को समझा और समानता को बढ़ावा देने की शपथ ली। इस कार्यक्रम ने छात्रों के दृष्टिकोण को एक नया आयाम दिया और उन्हें लैंगिक समानता के संवाहक बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन बी.एड. की छात्रा प्रीति ने किया। इस अवसर पर डॉ. विकास गैरोला, डॉ. रितेश चौधरी, प्रिंसिपल डॉ. संतोष डबराल, प्रमोद उनियाल, नवीन द्विवेदी, श्री विजयकांत ममगाईं, योगाचार्य नीतू मिश्रा, श्रीमती संगीता पाण्डेय, प्रियंका देशवाल, विकी सिंह, आयुषी थापा, अजीत नेगी, इति गुप्ता सहित अन्य उपस्थित रहे।