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शैक्षणिक भ्रमण का नया केंद्र बना लेखक गांव


आशीष लखेड़ा| उत्तराखण्ड लाइव | देहरादून।
देहरादून के थानों स्थित ‘लेखक गांव’ अब आधिकारिक तौर पर स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक भ्रमण का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। इस संबंध में विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री ने महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा उत्तराखण्ड, निदेशक उच्च शिक्षा (हल्द्वानी-नैनीताल), निदेशक तकनीकी शिक्षा तथा निदेशक संस्कृत शिक्षा को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए ‘लेखक गांव’ का शैक्षणिक भ्रमण सुनिश्चित करें। साथ ही इसे वार्षिक शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल करने पर भी विचार किया जाए।

गौरतलब है कि देहरादून स्थित ‘लेखक गांव’ तेजी से एक प्रमुख शैक्षणिक भ्रमण गंतव्य के रूप में उभर रहा है। साहित्य, संस्कृति और भारतीय परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से स्थापित यह केंद्र विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

स्पर्श हिमालय फाउंडेशन के तत्वावधान में स्थापित ‘लेखक गांव’ में साहित्य, कला और संस्कृति से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जाता है। यहां पुस्तकालय, शोध एवं अनुसंधान केंद्र, थीम आधारित वाटिकाएं, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जो विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान के साथ रचनात्मक अनुभव प्रदान करते हैं।

2024 में हुई थी स्थापना
लेखक गांव का विधिवत शुभारंभ 25 अक्टूबर 2024 को भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा किया गया था। इस अवसर पर ‘स्पर्श हिमालय महोत्सव 2024’ का भी आयोजन हुआ, जिसमें 40 देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आगामी ‘स्पर्श हिमालय महोत्सव 2025’ में 60 से अधिक देशों की भागीदारी प्रस्तावित है।

नालंदा पुस्तकालय बना ज्ञान का केंद्र
लेखक गांव में स्थापित ‘नालंदा पुस्तकालय’ और अनुसंधान केंद्र में 50,000 से अधिक पुस्तकों का संग्रह है, जो विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए बेहद उपयोगी है। इसके अलावा यहां संजीवनी भोजनालय, विभिन्न थीम आधारित वाटिकाएं और औषधीय पौधों का संरक्षण किया गया है, जो सकारात्मक वातावरण के साथ विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में सहायक है।

ये हैं प्रमुख आकर्षण
परिसर में भगवान धन्वंतरि और भगवान नृसिंह की प्रतिमाएं स्थापित हैं। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा भी यहां विशेष आकर्षण का केंद्र है, जो पूरे परिसर को सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सामाजिक उत्तरदायित्व, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होते हैं। ‘लेखक गांव’ इस दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में उभरकर सामने आया है।

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