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सीएसएनए द्वारा त्रिवेणी कला साधना कार्यशाला के अंतर्गत संगीत और नृत्य कार्यशालाओं का आयोजन


चण्डीगढ़ : चण्डीगढ़ संगीत नाटक अकादमी (सीएसएनए) द्वारा त्रिवेणी कला साधना कार्यशाला के अंतर्गत नियमित रूप से तीन-तीन महीने की संगीत और नृत्य कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। आज इन दोनों कार्यशालाओं का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया।पंडित विनोद पवार जी के प्रबुद्ध सान्निध्य में संचालित संगीत कार्यशाला के विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। सर्वप्रथम दिवजोत सिंह ने अकाल सारंगी प्रस्तुत की। इसके बाद विशाखा और ईशा ने राग वृंदावनी सारंग प्रस्तुत किया। जन्नत ने सूफ़ी गीत तूने दीवाना बनाया तो मैं दीवाना बना गाया व ममता चावला ने मीरा का भजन पिया तोसे लागी लगन प्रस्तुत किया। पंडित विनोद पवार ने मंच पर हारमोनियम संगत करते हुए बच्चों का मार्गदर्शन किया, वहीं ढोलक पर एस बिट्टा ने संगत दी।

इसके पश्चात नृत्य कार्यशाला की प्रस्तुतियाँ हुईं, जो डॉ. अमित गंगानी जी के मार्गदर्शन में संचालित की गई थीं। सर्वप्रथम श्री गणेश वंदना और पारंपरिक कथक की प्रस्तुति रौनक, कोमल, पूजा, सेजल और कोमल ने दी। इसके बाद श्रीकृष्ण श्लोकम और पारंपरिक कथक की प्रस्तुति यशिका, प्रियांशी गंगानी, गुड्डी रानी, स्नेहप्रीत और करिश्मा ने दी। इन प्रस्तुतियों में तबले पर संगत डॉ. अमित गंगानी ने की, जबकि गायन एवं लहरे पर अभिषेक गंगानी ने और बांसुरी पर श्री श्याम थापा ने संगत दी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पन्नालाल गंगानी, समाजसेवी आरके वर्मा, राहुल महाजन, यशपाल यादव उपस्थित रहे। इनके साथ चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के कार्यवाहक अध्यक्ष विक्रांत सेठ तथा शहर के अनेक प्रबुद्ध कलाकार और गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

सभी अतिथियों ने चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की इस पहल की सराहना की और आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाएँ निरंतर आयोजित होती रहेंगी, जिससे नए कलाकारों को सीखने और मंच अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता रहेगा।

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