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थियेटर आर्टस, चण्डीगढ़ के कलाकारों द्वारा विश्व प्रसिद्ध श्री कृष्ण लीला लाइट एंड साउंड शो का हुआ मंचन


चण्डीगढ़ : थियेटर आर्टस, चण्डीगढ़ द्वारा नार्थ जोन कल्चरल सेंटर, पटियाला और डिपार्टमेंट ऑफ कल्चर अफेयर्स, चण्डीगढ़ के सहयोग से विश्व प्रसिद्ध श्री कृष्ण लीला लाइट एंड साउंड शो का सफल मंचन किया गया। इस अवसर पर मशहूर फिल्म स्टार जय मल्होत्रा, जिनकी इसी वर्ष लगातार एक-एक महीने के अंतराल में तीन फ़िल्में रिलीज होने वालीं हैं, बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। इस शो में श्री कृष्ण जी के जन्म से लेकर उनके युवावस्था और रासलीला को बहुत ही बाखूबी और संगीतमय रूप में दिखाया गया। श्री कृष्ण जन्म दृश्य पर संगीत नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की पर दर्शक मंत्र मुग्ध हुए। इस नाटक के निर्देशक राजीव मेहता ने बड़ी कुशलता से प्रत्येक दृश्य को दिखाया ।

देवकी और वासुदेव की विवाह से लेकर कृष्ण जन्म तथा कृष्ण की रासलीलाएं संगीत से सराबोर रही। श्री कृष्ण द्वारा की गई अनेकों लीलाओं को प्रत्यक्ष रूप में दर्शकों को दिखाया जैसे कि कृष्ण जन्म के बाद बालकृष्ण द्वारा पूतना वध। थोड़ा बड़ा होने पर बालकृष्ण द्वारा माखन चोरी प्रसंग। गोपियों की मटकियां फोड़ना। गोपियों द्वारा यशोदा मैया को नटखट कान्हा की शिकायत करना। पवित्र नदी यमुना का पानी जहरीला करने पर कालिया नाग को यमुना नदी छोड़ने पर विवश करना। देवराज इन्द्र के प्रकोप द्वारा भयंकर वर्षा करने पर बृजवासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी एक उंगली पर उठाना जैसे मनमोहक दृश्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
इसके उपरान्त श्री कृष्ण द्वारा राधा और गोपियों संग रासलीला का प्रसंग जो लगभग 17 मिनट तक चला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत के भावपूर्ण दृष्य जैसे कि यशोधा मैया और बाबा नंद को श्री कृष्ण के वास्तविक माता पिता देवकी और वासुदेव के बारे में पता चलना और धोखे से कंस के बुलावे पर श्री कृष्ण और बलराम का मथुरा पहुंच कर कंस और अन्य राक्षसों का वध करना।
सबसे आकर्षित करने का नाटकीय अदांज कलाकारों द्वारा पेश किया गया।
इस लाइट एंड साउंड प्रोग्राम में कंस वध के बहुत ही रोचक दृश्य के माध्यम से दिखाया गया कि बुराइयों और अत्याचारियों का अंत किस प्रकार से होता है। कृष्ण लीला में बताया गया कि कर्म ही श्रेष्ठ है व इसका फल हम सभी को हमारे द्वारा किए गए कर्मों के अनुसार ही मिलता है। श्री कृष्ण लीला का निर्देशन राजीव मेहता ने किया तथा लेखन जयप्रकाश भट्ट ने किया जबकि रूप सजा मुनीष कपूर ने किया। लगभग 2 घंटे 15 मिनट चले इस नाटक को लोगो ने खूब सराहा ।
इसमें राजीव मेहता, योगेश अरोडा, सतपाल सिंह, मुनीश कपूर, अरुण शर्मा, बलकार सिंह सिद्धू , आशा सकलानी, भूपिन्दर सिंह संधू, अवदेश कुमार, ऋतुराज कृष्ण, सौदामिनी कपूर, तेजिंदर जोशी, दिव्यांशी, कनव भारद्वाज, सनव भारद्वाज, रविंद्र सिंह रावत, राहुल वर्मा, हरप्रीत सिंह, संदीप कुमार, गोरी बंमौरिया, महिंद्र संधू, गौरव मेहता, तृष्णा भारद्वाज,और बलजिंदर सिंह आदि इन कलाकारों ने अभिनय किया।
इस नाटक का अगला शो 16 अगस्त को जन्माष्टमी की रात को श्री राम कृष्ण मंदिर, सेक्टर 40 ए में किया जाएगा।

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