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अग्रसेन जयंती के अवसर पर समानता, सहयोग और लोकतंत्र विषय पर पंजाब विश्वविद्यालय में विचार गोष्ठी


चण्डीगढ़ : अग्रसेन विचार मंच, चण्डीगढ़ एवं यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज़्म मैनेजमेंट, पंजाब विश्वविद्यालय, चण्डीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में समानता, सहयोग और लोकतंत्र : महाराजा अग्रसेन के विचार का आधुनिक परिप्रेक्ष्य विषय पर एक भव्य विचार गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ ज्योति प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें सभी अतिथियों ने भाग लेकर महाराजा अग्रसेन जी की शिक्षाओं को स्मरण किया। इसके पश्चात तुलसी का पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ जीवन शैली का संदेश दिया गया। समारोह का विशेष आकर्षण महाराजा अग्रसेन जी के नाम पर वृहद वृक्षारोपण रहा, जिसके माध्यम से हरित भविष्य और पर्यावरण संतुलन का संकल्प व्यक्त किया गया।

गोष्ठी में मुख्य अतिथि राकेश गुप्ता, अध्यक्ष, बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक कुमार सिंगला (लक्खा), चेयरमैन, गौ सेवा कमीशन, पंजाब ने की।

विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. मीनाक्षी गोयल, डीन रिसर्च, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ एवं राज कुमार चौहान, सदस्य, बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को विशेष बनाया। विशेष अतिथियों में आनंद सिंगला, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन, चंडीगढ़, सत नारायण गुप्ता, अध्यक्ष, अग्रवाल सभा, पंचकूला, चंद्र भान गर्ग, अवनीश बंसल, संदीप गोयल एवं बलवंत सिंह ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

सभी वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन जी केवल एक राजा ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और दूरदृष्टा थे। उनके विचारों में समानता, सहयोग और लोकतंत्र जैसी अवधारणाएँ गहराई से निहित थीं। उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि समाज की प्रगति तभी संभव है जब हर वर्ग और हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिले।

गोष्ठी में यह भी चर्चा हुई कि आज के आधुनिक युग में जब तकनीकी प्रगति और वैश्वीकरण अपने चरम पर हैं, तब भी असमानता और अन्याय जैसी चुनौतियाँ समाज में मौजूद हैं। ऐसे समय में अग्रसेन जी की शिक्षा हमें प्रेरित करती है कि हम जाति, धर्म और भाषा के भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता के साझा सूत्र में बंधें।

वक्ताओं ने कोरोना महामारी और स्वच्छ भारत अभियान जैसे उदाहरणों के माध्यम से यह बताया कि सहयोग की भावना से ही बड़े संकटों और चुनौतियों का समाधान संभव है। इसी तरह भारतीय लोकतंत्र में समानता, स्वतंत्रता और सहभागिता की जो भावना है, वह अग्रसेन जी की ही शिक्षाओं का आधुनिक स्वरूप है।

अग्रसेन विचार मंच के अध्यक्ष प्रो. नवदीप गोयल ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। डॉ. सलिल बंसल, मंत्री, अग्रसेन विचार मंच ने कार्यक्रम का संचालन किया और डॉ. नीरज अग्रवाल ने अंत में सभी मेहमानों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि हम सभी मिलकर महाराजा अग्रसेन जी की विचारधारा को व्यवहार में उतारेंगे और समाज में समानता, सहयोग तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेंगे। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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