logo
Latest

योग महोत्सव 2026 में निखार, नए आयाम हुए स्थापित


भव्य आयोजन ने योग, पर्यटन और संस्कृति को दी नई पहचान

उत्तराखण्ड लाइव | ऋषिकेश।

ऋषिकेश में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 इस बार अपने भव्य स्वरूप और नए आयामों के कारण खास चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज तथा वन, भाषा एवं तकनीकी मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा शुभारंभ किए गए इस सात दिवसीय महोत्सव ने योग के साथ-साथ आध्यात्म, पर्यटन और सांस्कृतिक विविधताओं का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।

इस बार महोत्सव में योग की विभिन्न क्रियाओं के साथ हेरिटेज टूर, अध्यात्म और साहसिक गतिविधियों को भी जोड़ा गया, जिससे देश-विदेश से आए साधकों को ऋषिकेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया गया। मां गंगा की निर्मल धारा, तीर्थ परंपरा और ऋषि-मुनियों की तपस्थली के रूप में ऋषिकेश की पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूती मिली।

समापन के बाद भी महोत्सव ने संभावनाओं के नए द्वार खोल दिए हैं। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने आयोजन की सराहना करते हुए प्रबंध निदेशक प्रतीक जैन के कार्यों की खुले मंच से प्रशंसा की, जिससे निगम की प्रतिष्ठा और जिम्मेदारी दोनों बढ़ी हैं।


योग, अध्यात्म और पर्यटन का संगम

इस बार महोत्सव में योग के साथ अध्यात्म, हेरिटेज टूर और पर्यटन को जोड़ा गया। साधकों को ऋषिकेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराया गया। इस पहल ने आयोजन को पहले से अधिक खास बना दिया।

अंतरराष्ट्रीय भागीदारी

महोत्सव में 33 देशों के 250 से अधिक विदेशी साधकों ने भाग लिया, इसके साथ ही 2850 भारतीय प्रतिभागियों की उपस्थिति रही, इससे कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली।

250 से अधिक योग सत्र
योग, प्राणायाम, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के 250 से अधिक सत्र आयोजित किए गए, हर सत्र में विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े पहलुओं पर प्रकाश डाला, साधकों को व्यवहारिक ज्ञान भी प्रदान किया गया।

युवाओं की भागीदारी
इस बार 180 स्कूलों और विश्वविद्यालयों के छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की, रेडक्रॉस और अन्य संस्थाओं की मौजूदगी ने जनसहभागिता को बढ़ाया।
युवाओं में योग के प्रति जागरूकता देखने को मिली।

संतों का मार्गदर्शन
देश-विदेश के संतों और योगाचार्यों ने अध्यात्म, योग और जीवन मूल्यों पर प्रवचन दिए, उन्होंने प्रेम, करुणा और अहिंसा का संदेश दिया।
साधकों को सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा मिली।

श्री श्री रविशंकर का आकर्षण
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के सत्र में भारी भीड़ उमड़ी, लोगों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
उनके विचारों ने साधकों को गहराई से प्रभावित किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक
महोत्सव में भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया, लखविंदर वडाली, अनूप जलोटा, रूप कुमार राठौर और अन्य कलाकारों ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की विविधता देखने को मिली।

स्नेह राणा का मोटिवेशन
भारतीय महिला क्रिकेटर स्नेह राणा ने युवाओं से संवाद किया, उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए सफलता के मंत्र बताए, युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति प्रेरित किया गया।

बारिश के बीच व्यवस्थाएं
महोत्सव के दौरान भारी बारिश भी देखने को मिली, इसके बावजूद व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहीं, प्रबंधन टीम लगातार सक्रिय नजर आई।

प्रबंधन की सराहना
राज्यपाल ने आयोजन की खुले मंच से सराहना की, प्रबंध निदेशक के कार्यों की विशेष रूप से प्रशंसा की गई, इससे आयोजन की सफलता को और मजबूती मिली

नया उत्तराखण्ड, नया भारत
महोत्सव ने “नया उत्तराखण्ड, नया भारत” का संदेश दिया, योग, संस्कृति और पर्यटन को एक नई दिशा मिली, यह आयोजन भविष्य की संभावनाओं को भी मजबूत करता नजर आया।

TAGS: No tags found

Video Ad


Top