logo
Latest

हमने बहुत संभाल के रखा था फासला, तुम रूबरू हुए तो इरादे बदल गए…


चण्डीगढ़ : गांधी स्मारक भवन, सेक्टर 16 में चण्डीगढ़ सीनियर सिटीजन्स एसोसिएशन (सीएससीए) तथा गांधी स्मारक निधि, पट्टिकल्याणा, ज़िला पानीपत (हरियाणा) के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय मशहूर शायर एचएस नामा की स्मृति में एक मुशायरे का आयोजन किया गया जिसमें शहर के प्रसिद्ध शायरों ने अपनी रचनाएँ पढ़ी। इस अवसर पर मंच संचालन गांधी स्मारक निधि के ट्रस्टी और शायर राजेश आत्रेय ने किया। उन्होंने इस अवसर पर सभी उपस्थितों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं भी दी। सर्वप्रथम एचएस नामा की पुत्री तरणवीर कौर सैनी ने अपने स्वर्गीय पिता के बारे में अपने अनुभव साँझा किए। मुशायरे का शानदार आगाज़ हिमाचल से आये युवा शायर जनाब कार्तिक शर्मा “कार्तिक” ने अपनी ग़ज़ल ये जो ख़ामोशी है चिड़िया की जबाँ पर, तीर ले कोई खड़ा है क्या मचाँ पर” किया। इनके बाद जनाब कृष्ण कान्त “सारथी” ने वस्ल की थी घड़ी, चाँद शरमा गया, ज़ीस्त की बन्दिशों को वो सहला गया ग़ज़ल पढी | इनके बाद शायर अनिल ‘चिन्तक” ने अपना कलाम “रट लिए बेशक ग़ज़ल के व्याकरण मैंने सभी, मैं नहीं पहुँचा अभी तक शायरी के आसपास” पढ़ा। उनके बाद मंच संचालक शायर राजेश आत्रेय ने अपनी नज़्म पढ़ी जिसके बोल थे हसरतों का दामन छोड़ दिया, अब दिलासों से मुलाक़ात नहीं होती, सोचा न था के कहूंगा सबसे, अब मेरी तुमसे मुलाक़ात नहीं होती। इनके बाद युवा शायर जनाब राजन “सुदामा” ने अपनी ग़ज़ल “दोस्ती के फर्ज़ को ऐसे निभाना चाहिए, द्वन्द्व जब हो दोस्त से, तो हार जाना चाहिए” पढ़ी। तत्पश्चात राष्ट्रीय कवि एवं शायर राजबीर “राज़” ने अपना कलाम हमने बहुत संभाल के रक्खा था फासला, तुम रूबरू हुए तो इरादे बदल गए पढ़ कर खूब तालियाँ बटोरी।

इसके बाद बारी आई मोहतरमा डॉक्टर उर्मिला कौशिक “सखी” की जिन्होंने अपना कलाम ज़रा सुन लो सजन तुमसे ज़माने भर के शिकवे हैं, तिरे परदेसी होने से मिरे बेरंग सपने हैं पढ़ा। उनके बाद शायर और लेखक सुशील “हसरत” नरेलवी ने अपनी ग़ज़ल “तमाम रात तेरा ख़्वाब बुन रहा था मैं, कि राहे-इश्क़ से काँटों को चुन रहा था मैं” पढ़ कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। मुशायरे के अंत में मुशायरे के अध्यक्ष राष्ट्रीय स्तर के शायर बीडी कालिया “हमदम” ने सभी शायरों की तारीफ़ करते हुए अपनी रचना “ग़ज़ल का मैं तो दीवाना हूँ “हमदम”, ग़ज़ल भी मेरी दीवानी बहुत है” पढी। कार्यक्रम में सीएससीए से ओम कटारिया, वीके जुनेजा, डीएस ग्रेवाल, ब्रिगेडियर केशव चंद्रा, गांधी स्मारक भवन के प्राकृतिक चिकित्सक एवं प्रभारी डॉक्टर संजीव कुमार शर्मा, गोविन्द, संजू, सपना, नामा की पुत्री तरनवीर कौर सैनी एवं दामाद कर्नल एसएस सैनी, प्रसिद्ध कवि अनिल शाश्वत, किरन शाश्वत सहित काफ़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। डॉक्टर संजीव कुमार शर्मा ने सभी उपस्थितों एवं शायरों का धन्यवाद किया।

TAGS: No tags found

Video Ad


Top