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जीएमसीएच-32 के आउटसोर्स ग्रुप-सी व डी कर्मचारियों की मांगों पर सांसद मनीष तिवारी के सकारात्मक आश्वासन पर आभार


चण्डीगढ़ :  गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच), सेक्टर-32, चंडीगढ़ में पिछले 10 से 15 वर्षों से निरंतर सेवा दे रहे आउटसोर्स ग्रुप-सी एवं डी कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी से मुलाकात की। यह प्रतिनिधिमंडल जीएमसीएच कांट्रैक्टर वर्कर्स यूनियन के पूर्व प्रधान सुरेश कुमार, दिनेश सिंह रावत तथा समाजसेवी एवं पूर्व प्रेस सचिव विक्रम सिंह के नेतृत्व में पहुंचा।
दो प्रमुख मांगें रखीं
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए अपनी दो मुख्य मांगें रखीं। पहली मांग के तहत कर्मचारियों ने कहा कि 10-15 वर्षों से संतोषजनक सेवा दे रहे पैरामेडिकल स्टाफ, एमएलटी, डीईओ, वार्ड अटेंडेंट, सफाई कर्मचारी सहित सभी आउटसोर्स कर्मियों को सुरक्षित नीति के तहत सीधे प्रशासन के अधीन नियमित किया जाए। उन्होंने बताया कि पंजाब और हरियाणा में इस दिशा में नीतियां बन रही हैं, लेकिन चंडीगढ़ में अब तक ऐसी कोई व्यवस्था लागू नहीं की गई है।
दूसरी मांग “समान काम-समान वेतन” को लेकर रखी गई। कर्मचारियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश (सीडब्ल्यूपी-13015-2021 व सीडब्ल्यूपी-13017-2021, दिनांक 19 जनवरी 2026) तथा अनुबंध श्रम अधिनियम, 1970 के नियम 25(2)(v)(a) के तहत वरिष्ठता के आधार पर समान वेतन लागू करने की मांग की।


प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि लीगल रिमेंबरेंसर विभाग पहले ही बोनस के लिए वार्ड अटेंडेंट को जीएमसीएच कर्मचारी मान चुका है, जिससे उनका प्रशासन से सीधा संबंध साबित होता है। साथ ही सेवा प्रदाताओं को 3.85 प्रतिशत कमीशन दिए जाने से सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है।
सांसद ने दिया आश्वासन
सांसद मनीष तिवारी ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता और सहानुभूति के साथ सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर चंडीगढ़ यूटी प्रशासन के समक्ष उठाएंगे और जरूरत पड़ने पर संसद में भी आवाज बुलंद करेंगे, ताकि कर्मचारियों को जल्द न्याय मिल सके।
इस मौके पर यूनियन के पूर्व प्रेस सचिव विक्रम सिंह ने सांसद का आभार जताते हुए कहा कि पिछले डेढ़ दशक से कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सांसद द्वारा सकारात्मक आश्वासन मिलने से कर्मचारियों में नई उम्मीद जगी है। उन्होंने विश्वास जताया कि समान काम-समान वेतन और नियमितीकरण की मांग जल्द पूरी होगी।
यूनियन ने सांसद से अनुरोध किया कि चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देशित कर अनुबंध श्रम अधिनियम और हाईकोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि आउटसोर्स व्यवस्था के तहत हो रहे शोषण को समाप्त किया जा सके।

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