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राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्तित्व निर्माण और चरित्र निर्माण की नर्सरी है : प्रो. बृज किशोर कुटियाला


पंचकूला : सार्थक मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर 12 में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के दूसरे दिन का प्रारंभ प्रार्थना सभा में प्राणायाम योगाभ्यास के साथ हुआ। जिला समन्वयक डॉक्टर अरविंद कुमार ने बताया सभी विद्यार्थियों ने रुचि और आनंद के साथ शारीरिक कालांश में भाग लिया। प्रबोधन सत्र में डॉ अजय कुमार ने कृत्रिम बौद्धिकता के बारे स्वयंसेवकों को बताया। कृत्रिम मेधा या बौद्धिकता मनुष्य की सहायक है। आज की आधुनिक पीढ़ी गूगल, हे श्री, अलेक्सा के माध्यम से बहुत कुछ नया सीख रही है। साइबर सिक्योरिटी, डाटा इंटरप्रेटर, मेडिकल साइंस, कृषि, एनीमेशन, स्किल टास्क में आज एआई का प्रमुख रूप से प्रयोग हो रहा है। कोमल का प्रश्न था कि क्या युवाओं का प्रमुख प्रश्न है क्या कृत्रिम बौद्धिकता भविष्य में मनुष्य का स्थान ले लेगी?


डॉ अजय कुमार ने बताया कृत्रिम बौद्धिकता मनुष्य का स्थान कभी नहीं ले सकती क्योंकि उसमें करुणा, दया, संवेदना की भावना नहीं है। यह केवल संसाधन है। द्वितीय प्रबोधन सत्र में प्रोफेसर बृजकिशोर कुठियाला ने भारत की सनातन सभ्यता के बारे में प्रकाश डाला। प्राचीन समय में भारत की बाजार व्यवस्था संस्कृति और अनुसंधान उच्च कोटि का था। शताब्दियों से आक्रमण कारियों ने हमको लूटा। फिर भी आज भारत युवाओं के दम पर आगे बढ़ रहा है। एनएसएस के युवा आज यह विश्वास दिला रहे हैं कि एक दिन भारत पुनः विश्व की मा शक्ति बनेगा। इस कार्यक्रम में सार्थक विद्यालय की प्राचार्य प्रोग्राम ऑफिसर रविंद्र सम्राट, अमित पवन और सुबह सिंह उपस्थित रहे।

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