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डीएम स्वाति भदौरिया ने कठूड़ चौपाल में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं


कठूड़ गांव में विकास कार्यों का डीएम ने किया निरीक्षण, दिए अहम निर्देश

पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन-जन तक शासन की योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाने के संकल्प के अनुरूप जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बुधवार को विकासखंड खिर्सू के निर्मल ग्राम कठूड़ में आयोजित चौपाल में प्रतिभाग कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कठूड़ पहुंचने पर जिलाधिकारी का पारंपरिक ढोल-दमाऊँ की मधुर धुनों के साथ भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने गांव के नवनिर्मित प्रवेश द्वार का लोकार्पण किया। ग्राम प्रधान संजय थपलियाल एवं महिला मंगल दल की अध्यक्ष पूजा देवी ने जिलाधिकारी तथा अन्य अधिकारियों का स्वागत किया, जबकि पूर्व ग्राम प्रधान श्रवण थपलियाल ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया। इस अवसर पर पहाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक स्वरूप जिलाधिकारी को कंडी भेंट कर सम्मानित किया गया। चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने गांव की 94 वर्षीय वरिष्ठ महिला धुपणी देवी को सम्मानित करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने कोटी से कमेड़ा-कठूली तक सड़क निर्माण की मांग रखी। इस पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सड़क का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है तथा भूमि की संवेदनशीलता के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया चल रही है, जो लगभग 20 दिनों में पूरी हो जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य की प्रगति की जानकारी समय-समय पर ग्रामीणों को भी उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों द्वारा पौड़ी-श्रीनगर मोटर मार्ग से गांव तक सड़क निर्माण की मांग उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस पर अधिशासी अभियंता ने अवगत कराया कि सड़क निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है तथा आगामी एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी के आश्वासन और त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रशासन का आभार जताया।

ग्रामीणों ने पशुओं के लिए चारे की समस्या का भी उल्लेख किया। इस पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को नेपियर घास एवं अन्य चारा फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करने तथा कृषि एवं उद्यान विभाग के सहयोग से इस दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए, जिससे स्थानीय स्तर पर पशुपालकों को सुविधा मिल सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि गांव के प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती है तो विद्यालय को पुनः संचालित करने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से भी सरकारी विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने का आह्वान किया।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने गांव में सीसीटीवी व्यवस्था, आंगनबाड़ी केंद्र, कंपोस्ट पिट, पंचायत भवन तथा अन्य जनसुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि कठूड़ में रचनात्मक और योजनाबद्ध विकास स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। ज़िलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर उसकी सराहना की तथा कहा कि गांव के लोग सामूहिक भावना के साथ विकास कार्यों में भागीदारी कर रहे हैं, जो अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए संसाधनों से अधिक आवश्यक उत्साह और सामूहिक इच्छाशक्ति होती है। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी गांव के विकास की सबसे बड़ी शक्ति वहां के लोगों की एकजुटता, जनभागीदारी और सकारात्मक सोच होती है। कठूड़ गांव में यह भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है और जिला प्रशासन पंचायत की प्रत्येक आवश्यकतानुसार हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को बताया कि ग्राम पंचायत में अधिकांश मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर किए जा रहे विकास कार्यों और जनहितकारी प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

चौपाल के उपरांत जिलाधिकारी ने जनता इंटरमीडिएट कॉलेज, जामणाखाल का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षा 8 एवं 9 के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, विषयों की समझ तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्वयं ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न लिखकर विद्यार्थियों से उत्तर पूछे। कक्षा 8 की छात्रा गायत्री ने संतोषजनक उत्तर दिए, जिस पर जिलाधिकारी ने उसकी सराहना की और अन्य विद्यार्थियों को भी आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

विद्यार्थियों से भविष्य के लक्ष्य के बारे में चर्चा के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षक, पुलिस अधिकारी, जवान तथा डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि ये सभी समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े सम्मानित क्षेत्र हैं। उन्होंने साथ ही विद्यार्थियों को विभिन्न उभरते करियर विकल्पों की भी जानकारी दी और बताया कि वर्तमान समय में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध, खेल, कृषि, पर्यटन, उद्यमिता, प्रशासन सहित अनेक क्षेत्रों में भी बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि, प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप करियर का चयन करने तथा लक्ष्य प्राप्ति के लिए पूरी लगन और मेहनत से प्रयास करने का आह्वान किया।

विद्यालय की विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) को सोलर संयंत्र स्थापना हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों के लिए नियमित करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित करने को कहा, ताकि उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं रोजगार के अवसरों की समय रहते जानकारी मिल सके।

निरीक्षण के दौरान विज्ञान प्रयोगशाला का समुचित विकास न होने पर जिलाधिकारी ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए शीघ्र पूर्ण प्रयोगशाला स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से विज्ञान उपकरणों के उपयोग की जानकारी ली तथा विद्यार्थियों द्वारा किए गए प्रयोगों की सराहना की। साथ ही निर्देश दिए कि प्रयोगशाला के उपकरणों को व्यवस्थित रूप से रैक में प्रदर्शित किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन में अधिक सुविधा मिल सके।

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, जामणाखाल का निरीक्षण किया। उन्होंने दिनचर्या किट, औषधि कक्ष, दवा पंजिका एवं अन्य अभिलेखों का अवलोकन करते हुए दवाओं को सुव्यवस्थित रखने, चिकित्सालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा ओपीडी में वृद्धि के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक सप्ताह रोस्टर के अनुसार नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर पृथक रजिस्टर संधारित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने चिकित्सालय के स्थायी भवन के लिए चिन्हित भूमि का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही उप जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि यदि क्षेत्र में कोई अनुपयोगी शासकीय भवन उपलब्ध हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर चिकित्सालय के उपयोग हेतु प्रस्तुत किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी नूपुर वर्मा, जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट, जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश सेमवाल, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता किशोर कुमार, प्रधानाचार्य हेमेन्द्र डोभाल, पूर्व ग्राम प्रधान मेहरबान सिंह थपलियाल, श्रवण थपलियाल, मंगल सिंह असवाल, बुद्धि सिंह भंडारी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। चौपाल का संचालन कठूड़ निवासी तथा रेडक्रॉस के जिला सचिव केसर सिंह असवाल ने किया।

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