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सतपाल महाराज के जन्मदिवस समारोह में पहुंचे सीएम धामी


आगामी कुंभ को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री धामी

हरिद्वार, 21 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ऋषिकुल मैदान, हरिद्वार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) भी उपस्थित रहे।  इस अवसर पर समारोह में पहुंचे प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने सतपाल महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड के सबसे वरिष्ठतम कैबिनेट मंत्री एवं आध्यात्मिक गुरू सतपाल महाराज का व्यक्तित्व हम सबके लिए प्रेरणादायक है। एक ओर उन्होंने मानव उत्थान सेवा समिति के माध्यम से देश-विदेश में मानव धर्म, सद्भावना और आत्म-ज्ञान का प्रकाश फैलाया है, तो दूसरी ओर एक कुशल प्रशासक और जनप्रतिनिधि के रूप में आपने उत्तराखंड के विकास में अमूल्य योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने सतपाल महाराज को जन्मदिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सक्रिय जीवन की कामना की।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सतपाल महाराज ने अपने जीवन के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना, समाजसेवा, परोपकार और लोककल्याण का संदेश समाज तक पहुंचाया है। उनके जन्मदिवस पर बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति उनके प्रति जनमानस के प्रेम, श्रद्धा और सम्मान को प्रदर्शित करती है। उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज की सरलता, सहजता, समर्पण और दूरदर्शिता ने उन्हें समाज में विशिष्ट पहचान दिलाई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सतपाल महाराज के साथ मंत्रिमंडल में कार्य करने का अवसर मिला है। इस दौरान उन्होंने उनके अनुभव, सहज व्यवहार और कार्य के प्रति समर्पण को करीब से देखा है। उन्होंने सतपाल महाराज को आध्यात्मिक व्यक्तित्व के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति निरंतर समर्पित कर्मयोगी बताया।

संस्कृति और पर्यटन को लेकर सरकार के प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव उत्तराखंड में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बाबा केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, चारधाम यात्रा को सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने, केदारखंड और मानसखंड परियोजनाओं तथा संस्कृति एवं परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश और दुनिया तक पहुंचाना है। इसके परिणामस्वरूप उत्तराखंड धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के साथ-साथ साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन रहा है।

आगामी कुंभ को लेकर मुख्यमंत्री का बयान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आगामी वर्ष धर्मनगरी हरिद्वार में होने वाला कुंभ केवल आस्था का महासंगम नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति, सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता का विराट उत्सव भी होगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आगामी कुंभ को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ तैयारियों में जुटी है। सरकार की प्राथमिकता है कि देश और दुनिया से हरिद्वार आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यहां से आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सुखद अनुभव लेकर लौटे।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि साधु-संतों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से हरिद्वार का कुंभ देश-दुनिया के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

सांस्कृतिक पहचान की रक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और गौरव की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून जैसे निर्णय इसी दिशा में उठाए गए हैं।उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से आवश्यक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देवभूमि की संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रभावी कदम उठाए हैं। सरकार का संकल्प है कि उत्तराखंड की विशिष्ट सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था को बदनाम करने के प्रयासों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की रक्षा के लिए आगे भी कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनसहयोग, संत समाज के मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड को विश्व की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा जाएगा।

समारोह में ये लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, अन्य जनप्रतिनिधि, संतगण, बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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