logo
Latest

अशोक सिंगला सर्वसम्मति से बने सेवा भारती के नए प्रांतीय अध्यक्ष


चण्डीगढ़ : सेवा भारती की गवर्निंग बॉडी की बैठक सेक्टर 29 स्थित सेवा धाम में आयोजित हुई। बैठक का शुभारंभ गायत्री मंत्र के साथ हुआ। बैठक में प्रांत प्रचारक नरेंद्र जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। क्षेत्रीय सेवक प्रमुख कृष्ण कुमार सहित सेवा भारती पंजाब की गवर्निंग बॉडी के प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक का संचालन राजेश पराशर ने किया। प्रारंभ में महामंत्री डॉ. अजय गांधी ने वर्ष 2023 से अब तक के कार्यकाल का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

तीन वर्षों में 33 नए स्थानों पर सेवा कार्य का विस्तार

डॉ. अजय गांधी ने बताया कि 18 जून 2023 से प्रारंभ हुए कार्यकाल के दौरान सेवा भारती पंजाब के सेवा कार्य का 33 नए स्थानों पर विस्तार हुआ। इस अवधि में छात्रावास, किशोरी विकास, वैभवश्री तथा सुपोषित भारत अभियान जैसे नए सेवा आयाम प्रारंभ किए गए।उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं के प्रवास एवं संपर्क में वृद्धि हुई है तथा संस्था की वित्तीय व्यवस्था को अधिक केंद्रीकृत एवं व्यवस्थित किया गया है। सेवा संस्कार की योजना को भी प्रांतीय स्तर पर व्यवस्थित किया गया है। संस्था के आवश्यक दस्तावेजों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अद्यतन किया गया है, जबकि एफसीआरए से संबंधित प्रक्रिया अभी प्रचलित है।पंजाब में किए गए बाढ़ राहत कार्यों का भी बैठक में उल्लेख किया गया। इसके अतिरिक्त सेवा भारती को अब तक चार सीएसआर सहयोग प्राप्त हुए हैं, जिनसे सेवा कार्यों के विस्तार एवं कार्यकर्ताओं को आर्थिक आधार प्रदान करने में सहायता मिली है।

प्रदीप वार्ष्णेय ने कार्यकाल पूर्ण होने की घोषणा की

कार्य प्रतिवेदन के बाद निवर्तमान अध्यक्ष प्रदीप वार्ष्णेय ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि संगठन की रीति-नीति का अनुसरण करना प्रत्येक कार्यकर्ता का कर्तव्य है और इसी भावना के साथ उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन किया है।उन्होंने पिछले तीन वर्षों में सेवा भारती के कार्य को विस्तार देने वाली संपूर्ण कार्यकर्ता टोली के प्रति आभार व्यक्त किया और विशेष रूप से डॉ. अजय गांधी के योगदान की सराहना की।उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र में अभी बहुत कार्य किया जाना शेष है और नई टोली इन कार्यों को आगे बढ़ाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल की पूर्णता की घोषणा करते हुए नवीन नेतृत्व के लिए दायित्व हस्तांतरण का मार्ग प्रशस्त किया।

अशोक सिंगला सर्वसम्मति से अध्यक्ष निर्वाचित

निर्वाचन प्रक्रिया के लिए नरेश कुमार को निर्वाचन अधिकारी के रूप में आमंत्रित किया गया। अध्यक्ष पद के लिए सोमनाथ ने अशोक सिंगला का नाम प्रस्तावित किया तथा अमृत सागर ने प्रस्ताव का समर्थन किया।निर्वाचन अधिकारी नरेश कुमार ने अशोक सिंगला जी को सर्वसम्मति से सेवा भारती पंजाब का नया प्रांतीय अध्यक्ष घोषित किया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने ॐ ध्वनि के साथ नवीन अध्यक्ष का स्वागत किया।नवीन अध्यक्ष अशोक सिंगला ने अपनी नई टोली की घोषणा करते हुए ध्रुव को महामंत्री, राजकुमार को कोषाध्यक्ष तथा संजीव को संगठन मंत्री घोषित किया। शेष विस्तृत प्रांतीय कार्यकारिणी की घोषणा बाद में की जाएगी।

5,400 स्वेटर्स का सीएसआर सहयोग

बैठक में टर्बो ग्रुप्स ऑफ इंडस्ट्रीज के सीएसआर सहयोग से सेवा भारती पंजाब को प्राप्त 5,400 स्वेटर्स की सुपुर्दगी का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।प्रांत प्रचारक नरेंद्र ने उक्त सामग्री नवीन अध्यक्ष श्री अशोक सिंगला को सुपुर्द की। इन स्वेटर्स का वितरण सेवा भारती के विभिन्न सेवा प्रकल्पों से जुड़े लाभार्थियों के बीच किया जाएगा। लाभार्थियों की सूची संस्था के पास पहले से उपलब्ध है।

सेवा कार्य के साथ सेवक की संभाल आवश्यक : नरेंद्र

समापन सत्र में प्रांत प्रचारक नरेंद्र ने सेवा भारती के कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सेवा कार्य के साथ-साथ सेवक की संभाल भी संगठन की प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि वैधानिक एवं प्रशासनिक औपचारिकताएँ संस्था की आवश्यकता हैं, लेकिन सेवा का मूल भाव सेवा कार्यों की निरंतर संभाल और उनसे जुड़े कार्यकर्ताओं की चिंता करना है।उन्होंने सेवा की मूल अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेवा किसी व्यक्तिगत स्वार्थ, व्यापार, नाम-प्रचार या अन्य उद्देश्य की पूर्ति का माध्यम नहीं होनी चाहिए। सेवा का आधार कर्तव्यबोध, परोपकार और समाज के प्रति आत्मीयता होना चाहिए।नरेंद्र ने कहा कि सेवा बस्तियों में अनेक प्रतिभाएँ मौजूद हैं। इसलिए सेवा कार्यों का उद्देश्य केवल तत्काल सहायता देना नहीं, बल्कि इन प्रतिभाओं को पहचानना, उनका विकास करना और उन्हें समाज के लिए योगदान देने योग्य बनाना भी होना चाहिए।उन्होंने कहा कि सेवा भारती को केवल सेवा प्रकल्प संचालित करने वाली संस्था के रूप में नहीं, बल्कि सेवा-दृष्टि एवं कार्यकर्ता निर्माण का माध्यम बनना चाहिए। कार्यकर्ताओं के व्यवहार में ईर्ष्या और द्वेष के लिए स्थान नहीं होना चाहिए। सेवा व्यक्ति के मन को शुद्ध करने का माध्यम भी है।उन्होंने दीर्घकालीन दृष्टि के साथ तीन वर्षीय एवं पाँच वर्षीय योजनाएँ बनाने पर बल दिया। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में बड़े संस्थागत प्रयासों की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं एवं डायग्नोस्टिक सेंटर जैसे संस्थानों के निर्माण की दिशा में विचार करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि यदि सेवा बस्तियों के लोगों को उनके निकट ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध होंगी तो समाज की अनेक आवश्यकताओं का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा।उन्होंने कार्यकर्ताओं से बड़े लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज में केवल लेने वाले नहीं, बल्कि देने की भावना से युक्त दातार व्यक्तियों का निर्माण करना सेवा कार्य का व्यापक उद्देश्य होना चाहिए। बैठक का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ।

TAGS: No tags found

Video Ad


Top