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चेक बाउंस मामले में अधिवक्ता कुलदीप रावत-संजीव पाण्डेय की प्रभावी पैरवी।


चेक बाउंस के दो मामलों में महिला दोषी, कोर्ट ने सुनाई 6-6 माह की सजा।

ऋषिकेश। उत्तराखण्ड लाइव

चेक बाउंस के दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने एक ही महिला अभियुक्ता सीमा यादव को दोषी करार देते हुए दोनों मामलों में 6-6 माह के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों मामलों में अभियुक्ता को कुल 7,89,085 रुपये प्रतिकर के रूप में अदा करने का भी आदेश दिया है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज (जू.डि.) तान्या मिड्डा की अदालत में चले दोनों मामलों में परिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता संजीव कुमार पाण्डेय और कुलदीप सिंह रावत ने पैरवी की।

2.50 लाख के चेक ने पहुंचाया जेल तक

पहले मामले में गोपाल सिंह बनाम सीमा यादव के तहत अमित ग्राम गुमानीवाला निवासी परिवादी गोपाल सिंह ने 2.50 लाख रुपये के चेक के बाउंस होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, श्यामपुर शाखा से संबंधित इस मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने अभियुक्ता को 6 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई।

इसके साथ ही चेक की राशि और 9 प्रतिशत ब्याज समेत कुल 3,58,675 रुपये प्रतिकर के रूप में अदा करने का आदेश दिया गया।

3 लाख का चेक भी हुआ बाउंस, दूसरी सजा

दूसरा मामला गौरव शर्मा बनाम सीमा यादव का है। गुर्जर प्लॉट, ऋषिकेश निवासी गौरव शर्मा ने 3 लाख रुपये के चेक के बाउंस होने पर परिवाद दायर किया था। यह चेक उत्तराखंड को-ऑपरेटिव बैंक का था, जो 8 दिसंबर 2021 को बाउंस हुआ था।

इस मामले में अदालत ने अभियुक्ता को 6 माह की कैद और 4,30,410 रुपये प्रतिकर अदा करने की सजा सुनाई है। प्रतिकर की राशि नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

सिक्योरिटी चेक का तर्क नहीं आया काम

दोनों मामलों में बचाव पक्ष ने चेक को सिक्योरिटी के तौर पर दिए जाने और लेनदेन से इनकार करने का तर्क रखा। हालांकि, परिवादी पक्ष की ओर से दस्तावेजी साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और सुप्रीम कोर्ट की नजीरों के आधार पर अदालत के समक्ष विधिक देनदारी की उपधारणा स्थापित की गई।

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अभियुक्ता को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

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