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श्री हरि सिमरन सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन धूमधाम से मनाया गया कृष्ण जन्मोत्सव


कलयुग में विधि-विधान से श्रीमद्भागवत कथा सुनने का विशेष महत्व है, जो बड़े-बड़े तप, योग, और यज्ञों से भी बढ़कर फल देता है : आचार्य श्री विवेक जोशी जी महाराज

चण्डीगढ़ : श्रीमद्भागवत की कथा सुनने मात्र से करोड़ों जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और हृदय में भगवान श्री हरि का वास होता है। ये बात श्री हरि सिमरन सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास आचार्य श्री विवेक जोशी जी ने कही। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य और उसके अद्भुत प्रभावों को विस्तार से बताते हुए कहा कि इस कथा के श्रवण से साधारण घर भी तीर्थ के समान पवित्र हो जाता है। काशी, प्रयाग और पुष्कर जैसे महान तीर्थ भी इसकी समता नहीं कर सकते। कलयुग में 7 दिनों तक विधि-विधान से कथा सुनने का विशेष महत्व है, जो बड़े-बड़े तप, योग, और यज्ञों से भी बढ़कर फल देता है। अंत समय में भागवत के वचनों को सुनने वाला व्यक्ति भगवान के बैकुंठ धाम को प्राप्त करता है।

इससे पहले आज कथा स्थल पर भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा। कथा व्यास ने कथा का रसपान कराते हुए भगवान विष्णु के कृष्ण अवतार धारण करने के गूढ़ रहस्यों और उनके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। आचार्य श्री विवेक जोशी जी ने बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भक्तों की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए प्रभु मानव रूप में अवतार लेते हैं। कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने और धर्म की पुनर्स्थापना के लिए ही वासुदेव और देवकी के घर भगवान कृष्ण का प्राकट्य हुआ।

जैसे ही भगवान कृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल रंग-बिरंगे गुब्बारों, फूलों और लाइटों से सराबोर हो गया। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमने और नाचने लगे।

बाल कृष्ण के विग्रह को सुंदर पालने में विराजमान कर छप्पन भोग अर्पित किया गया। महिलाओं और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक बधाई गीत गाकर खुशी का इजहार किया।

जन्मोत्सव की आरती के बाद उपस्थित सभी भक्तों के बीच माखन, मिश्री और विशेष प्रसाद का वितरण किया गया। श्री हरि सिमरन सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कथा के आगामी दिनों में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, गोवर्धन पूजा और रुक्मणी विवाह जैसे अत्यंत दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। समिति ने सभी शहरवासियों से अनुरोध किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ज्ञानगंगा का लाभ उठाएं। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य नागरिक, समाज सेवी और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आज मुख्य अतिथि भूपिंदर शर्मा, अध्यक्ष उत्तराखंड प्रकोष्ट, व नगर निगम पार्षद कंवर राणा ने नेअपनी हाजिरी भागवत कथा में लगाई। आज की लंगर सेवा विजय जिंदल परिवार द्वारा समिति को दी गई।

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