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श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन गूंजा ‘गोविंद मेरो है, गोपाल मेरो है’ का जयघोष, भावविभोर हुए श्रद्धालु


चण्डीगढ़ : श्री हरि सिमरन सेवा समिति द्वारा आयोजित की जा रही सात दिवसीय भव्य श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथा पंडाल में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास ने आज तृतीय दिवस की कथा में भगवान के विभिन्न अवतारों, ध्रुव चरित्र और प्रहलाद भक्ति के प्रसंगों का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। संगीतमय भजनों पर झूमते श्रद्धालुओं से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।कथा व्यास आचार्य विवेक जोशी जी ने व्यासपीठ से प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान केवल भाव के भूखे हैं। जब भक्त सच्चे दिल से परमात्मा को पुकारता है, तो भगवान उसकी रक्षा के लिए दौड़े चले आते हैं। ध्रुव और प्रहलाद की कथा का उदाहरण देते हुए उन्होंने समझाया कि दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास से ईश्वर की प्राप्ति संभव है। भक्ति में उम्र की कोई सीमा नहीं होती, यह बात बालक ध्रुव ने सिद्ध की है ओर बताया कि माता-पिता को अपने बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार और भक्ति का मार्ग दिखाना चाहिए।

ध्रुव तारा प्रसंग: बालक ध्रुव की कठिन तपस्या और भगवान नारायण के प्रकट होने के प्रसंग पर पंडाल में आरती की गई। श्री हरि सिमरन सेवा समिति के मुख्य सेवादारों और पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथियों का स्वागत फूलों के हार और स्मृति चिह्न भेंट कर किया। आज कथा में भगवती खाती जी, पार्षद, वार्ड नंबर 3 नयागांव से, धारी देवी कीर्तन मंडली, सिद्ध जोगी सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट, पंचकूला के प्रमुख विक्रांत शर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थि हुए पूनम कोठारी मुख्य संरक्षक  ने बताया कि चौथे दिन भगवान श्री कृष्ण के दिव्य जन्मोत्सव (नंदोत्सव) की कथा सुनाई जाएगी, जिसमें विशेष झांकी और माखन-मिश्री का प्रसाद मुख्य आकर्षण रहेगा। कथा के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने महाआरती में भाग लिया और जगतार जग्गा, सरबजीत कौर, पूर्व मेयर द्वारा लंगर प्रसाद की सेवा दी गई। इस अवसर पर समिति के समस्त सदस्य, भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य व्यक्ति और मातृशक्ति उपस्थित रही।

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