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श्रावणी पर्व की तैयारियों के साथ जातिगत आरक्षण के मुद्दे पर ऋषिकेश ब्राह्मण महासभा ने जताया विरोध।


उत्तराखंड लाइव/ऋषिकेश। श्रावणी उपाकर्म एवं रक्षाबंधन पर्व को लेकर ऋषिकेश ब्राह्मण महासभा की बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। बैठक में आगामी 28 अगस्त को होने वाले श्रावणी उपाकर्म एवं रक्षाबंधन पर्व को लेकर चर्चा के साथ सामाजिक व्यवस्था और जातिगत आरक्षण के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श किया गया।

महासभा ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जातिगत आरक्षण तथा यूजीसी नियमावली में संशोधन की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। महासभा के अध्यक्ष जगमोहन मिश्रा और महामंत्री शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि देश के सर्वांगीण विकास के लिए समान कानून और समान अवसर की व्यवस्था आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि केवल जाति के आधार पर किसी वर्ग को शोषित या शोषक मानना उचित नहीं है। उनके अनुसार ऐसी व्यवस्थाएं समाज में विभाजन को बढ़ावा दे सकती हैं। उन्होंने संवैधानिक पदों पर बैठे जिम्मेदार लोगों से समाज को एकजुट करने वाली नीतियों पर काम करने की अपील की।

महासभा पदाधिकारियों ने आरक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि योग्यता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देशभर में आरक्षण व्यवस्था के विरोध में चल रहे आंदोलनों का महासभा समर्थन करती है और आवश्यकता पड़ने पर इन आंदोलनों में स्वयं भी भागीदारी करेगी।

बैठक में केशव स्वरूप ब्रह्मचारी, जगमोहन मिश्रा, शिव प्रसाद सेमवाल, डॉ. जनार्दन कैरवान, सुरेश पंत, केशव बहुगुणा, मुकेश थपलियाल, अमित कोठारी, शंभू प्रसाद, लक्ष्मी थपलियाल, शिव उनियाल, दिनेश तिवारी और आयुष गौड़ सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

बैठक के दौरान श्रावणी उपाकर्म एवं रक्षाबंधन पर्व को धार्मिक एवं सामाजिक सौहार्द के साथ मनाने पर भी जोर दिया गया।

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