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पौड़ी में 16 जनसेवा शिविरों से 7,025 लोगों को लाभ, 2,924 शिकायतों का मौके पर ही समाधान


पौड़ी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर संचालित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण, जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत जनपद पौड़ी गढ़वाल में आयोजित जनसेवा शिविरों को व्यापक जनसमर्थन मिला है। 4 जुलाई से 19 जुलाई 2026 के बीच आयोजित 16 बहुउद्देशीय जनसेवा शिविरों में 7,025 लोगों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाया।अभियान के दौरान कुल 3,049 आवेदन और शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 2,924 मामलों का शिविर स्थल पर ही समाधान कर लोगों को तत्काल राहत प्रदान की गई। शेष मामलों के समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं।

अभियान की शुरुआत 4 जुलाई को पौड़ी प्रेक्षागृह से हुई, जहां 951 लोगों ने भाग लिया। इस शिविर में प्राप्त सभी 122 आवेदनों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इसके बाद विकासखंड पौड़ी, दुगड्डा, थलीसैंण और पोखड़ा में भी प्राप्त सभी आवेदनों का शत प्रतिशत समाधान किया गया।

कोट, यमकेश्वर, जयहरीखाल, खिर्सू, कल्जीखाल, पाबौ, बीरोंखाल, रिखणीखाल, नैनीडांडा, एकेश्वर और द्वारीखाल में आयोजित शिविरों में भी अधिकांश शिकायतों और आवेदनों का निस्तारण शिविर स्थल पर ही किया गया।

इन शिविरों में केवल शिकायतों का समाधान ही नहीं हुआ, बल्कि पात्र लाभार्थियों का विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में पंजीकरण भी किया गया। विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी दी और पात्रता के अनुसार मौके पर ही लाभ उपलब्ध कराया। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली।

अभियान के दौरान विभिन्न विकासखंडों में जनप्रतिनिधियों और राज्यमंत्रियों ने भी शिविरों में पहुंचकर आम लोगों से संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि जनसेवा शिविरों का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाना और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का मौके पर समाधान नहीं हो सका है, उनका भी निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाएगा।

उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से भी समय-समय पर अवगत कराने के निर्देश दिए गए।

 

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